नीतीश कुमार ने नोटबंदी पर उठाए सवाल, कहा- नहीं मिला अपेक्षित लाभ

नई दिल्ली (27 जुलाई): प्रधानमंत्री मोदी के नोटबंदी के फैसले का समर्थन करने वाले नीतीश कुमार ने पहली बार इस पर सवाल उठाए हैं। पटना में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति द्वारा आयोजित 64वीं त्रैमासिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि बैंकों की भूमिका के कारण नोटबंदी का लाभ जितना लोगों को मिलना चाहिए था, उतना नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में बैंकों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि बैंकों का सिर्फ जमा, निकासी एवं ऋण प्रदान करना ही कार्य नहीं है, बल्कि एक-एक योजना में बैंकों की भूमिका बढ़ गई है।

नीतीश कुमार ने कहा कि "देश में विकास के लिए जो धनराशि सरकार मुहैया कराती है, उसके सही आवंटन के लिए बैकों को अपने तंत्र सुदृढ़ करने होंगे। बैंक 'ऑटोनोमस' है, ऊपर से नीचे तक इन चीजों को देखना होगा।" बैंकिंग संस्थानों को और मजबूत करने की जरूरत बताते हुए नीतीश ने कहा कि बैंकों की भूमिका दिन-प्रतिदिन और बढ़ेगी।नीतीश कुमार ने कहा कि "RBI के मानक के अनुसार पांच हजार की आबादी पर बैंक की शाखा होनी चाहिए। देश में 11 हजार की आबादी पर बैंक शाखा है और बिहार में 16 हजार की आबादी पर बैंक शाखा है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि बैंकों की संख्या कितनी तेजी से बढ़ानी पड़ेगी।"