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देश के मुसलमान 'देशभक्त', लेकिन प्रदर्शन में आजादी के नारे लगाना गलत- रामदेव

नागरिकता संशोधन कानून एनआरसी और जामिया-जेएनयू यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव ने बड़ा बयान दिया है। सीएए को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर योगगुरु ने कहा कि जिस तरह से विरोध हो रहा है, ऐसा लग रहा है कि देश में अराजकता के अलावा कुछ हो ही नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि देश में मुसलमान देशभक्त भी हैं।

Baba Ramdev

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 जनवरी): नागरिकता संशोधन कानून (CAA), एनआरसी (NRC) और जामिया-जेएनयू यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा को लेकर योग गुरु (Yog Guru) बाबा रामदेव (Baba Ramdev)  ने बड़ा बयान दिया है। सीएए को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर योगगुरु ने कहा कि जिस तरह से विरोध हो रहा है, ऐसा लग रहा है कि देश में अराजकता के अलावा कुछ हो ही नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि देश में मुसलमान (Muslims) देशभक्त भी हैं। योगगुरु ने कहा कि जो भी प्रदर्शन के दौरान आजादी के नारे लगा रहे हैं, वो पूरी तरह से गलत है। ये देश हर किसी का है। इसके साथ ही उन्होंने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) और जामिया में हो रहे आंदोलन पर कहा कि हर समय छात्रों को आंदोलन नहीं करना चाहिए। हर समय आजादी के नारे लगाना, जब गांधी जी वाली, नेहरू वाली और भगत सिंह वाली आजादी की बात होती है तो समझ आता है, लेकिन जब जिन्ना वाली आजादी के नारे लगाते है तो ये गद्दारी है 

योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून के मसले पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने कई बार बात की है। दोनों ने बताया है कि इससे देश के नागरिकों को कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ लोग अल्पसंख्यकों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि सीएए पर जो प्रदर्शन हो रहा है उसमें कुछ राजनीतिक पार्टियों और विदेशियों का हाथ है, ताकि देश में हिंसा जैसा माहौल पैदा हो जाए।

एक सवाल के जवाब में योग गुरु ने कहा कि 'इस देश में देशभक्त मुसलमान भी है, लेकिन कुछ लोग कभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सिर काटने की धमकी देते हैं कभी गृह मंत्री अमित शाह का। मैं मुस्लिम समाज से आग्रह करूंगा कि ऐसे लोगों के बीच जाएं और इसका विरोध करें ताकि पूरे मुस्लिम समाज को बदनाम न किया जा सके।' साथ ही बाबा रामदेव ने कहा कि 'हमारे देश में कई बार ऐसे बयान दिए जाते हैं, जिन्हें बाद में पाकिस्तान की संसद में कोट किया जाता है। ऐसे बयानों से बचने की जरूरत है। साथ उन्होंने कहा कि ‘’मैं जेएनयू के छात्रों से कहूंगा कि ये विरोध प्रदर्शन छोड़ देना चाहिए। अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और राष्ट्रनिर्माण में सहयोग करें।'


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