News

भारत की 7.2% रह सकती है विकास दर: विश्वबैंक

नई दिल्ली ( 30 मई):  भारत की आर्थिक वृद्धि दर के बारे में विश्व बैंक ने अनुमान लगाया है कि मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.2 फीसदी रहने की उम्मीद है।

इसके पीछे की अहम वजह मजबूत बुनियादी सुधार, निवेश माहौल में सुधार, घरेलू उपभोग और व्यापार बेहतर होने को बताया गया है। भारत विकास रिपोर्ट मई 2017 में विश्वबैंक ने यह सुझाव दिया है कि अर्थव्यवस्था में अधिक महिलाओं की भागीदारी से देश में दोहरे अंक की वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नवंबर 2016 में की गई नोटबंदी से भारत की वृद्धि पर थोड़ा असर जरूर पड़ा परंतु पिछले वित्त वर्ष में मानसून बेहतर रहने के कारण वृद्धि ठीक रही और अब चीजें सुधर रही हैं।

रिपोर्ट में यह कहा गया है कि 2017-18 में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है जो 2016-17 में 6.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा है।

वर्ष 2019-20 में यह बढ़कर 7.7 प्रतिशत होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि निजी निवेश में भी सुधार हुआ है। विश्व बैंक के भारत में कंट्री निदेशक जुनैद अहमद ने कहा की भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी रहेगी तथा माल एवं सेवाकर (जीएसटी) के करीब पहुंचने से इसे अधिक गति मिलनी तय है, क्योंकि यह कर व्यवस्था कंपनियों के कारोबार करने की लागत, माल के राज्यों के बीच आवागमन की लॉजिस्टिक लागत कम करेगी जबकि उनकी इक्विटी में कोई नुकसान न हो यह भी सुनिश्चित होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक निजी निवेश में सुधार की वजह से  2019-20 में अर्थव्यवस्था में उच्च वृद्धि होने की उम्मीद है। विश्वबैंक ने यह भी कहा कि महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी के साथ मिलता है तो भारत का जीडीपी और अधिक वृद्धि की क्षमता रखता है। अगर ऐसा होता है इसका पूरा एक प्रतिशत बढ़ना तय है।


Related Story

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top