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पुलिस पर आरोप : दो युवतियों के थाने में कपड़े उतरवाए और फिर...

औरंगाबाद (8 जनवरी) :  शहर पुलिस ने क्रांति चौक पुलिस स्टेशन के तीन कर्मियों के ख़िलाफ़ जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि इन पुलिसकर्मियों ने दो युवतियों को कथित रूप से निर्वस्त्र किया और फिर उनके प्राइवेट पार्ट्स में मिर्च पाउडर डाल दिया। इन दोनों महिलाओं में से एक इंजीनियरिंग डिप्लोमा होल्डर है। इन्हें पुलिस ने एक युवक की मौत के सिलसिले में हिरासत में लिया था।

आरोप है कि एक पुरुष पुलिस अधिकारी के कहने पर एक महिला अधिकारी ने दोनों युवतियों से पहले कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया। इन्हें उनके एक दोस्त की मौत के सिलसिले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा, “आरोप बहुत गंभीर प्रकृति के हैं। मैंने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। इस जांच को दो दिन में पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। इस मामले में जल्दी बयान रिकॉर्ड दर्ज़ कराए जाएंगे।“  

क्रांति चौक पुलिस ने दो युवतियों को एक दुर्घटना में हुई एक युवक की मौत के सिलसिले में हिरासत में लिया था। उन्हें 4 जनवरी से 6 जनवरी की शाम तक पूछताछ के लिए रोके रखा गया। रिहा होने के बाद 21 वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा होल्डर युवती और उसकी मां कमिश्नर ऑफिस पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों को सारी जानकारी दी।

 

शिकायतकर्ता और उसके छह दोस्त नववर्ष मनाने एक होटल में पहुंचे थे। दो युवतियों को छोड़ बाकी सभी ने कथित तौर पर अल्कोहल लिया। इसके बाद एक युवक को अपने पर काबू नहीं रहा और वो हिंसक बर्ताव करने लगा। रात करीब एक बजे बाकी दोस्तों ने उसे देवगिरी कॉलोनी में छोड़ दिया। इसके बाद दोनों युवतियों को छोड़ने सेवन हिल्स पर वहां छोड़ा जहां वे किराए के मकान में रहती थी।

कांति चौक पुलिस इंस्पेक्टर गोवर्धन कोलेकर के मुताबिक चार दोस्त फिर अपने दोस्त का हाल देखने के लिए वापस पहुंचे। वहां उसका हिंसक बर्ताव देखकर एक दोस्त ने उसे थप्पड़ मारा। इस पर वो भागने लगा। इसी चक्कर में वो बुरी तरह गिरकर घायल हो गया। उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया।

युवती ने राज्य मानव अधिकार आयोग को भेजी अपनी शिकायत में कहा है कि उसे और उसकी दो महिला दोस्तों को पीएसआई गणेश धोकराट और एक महिला पीएसआई 4 जनवरी की सुबह 7 बजे क्रांति चौक पुलिस स्टेशन ले गए। पुलिस का कहना है कि युवतियों को सावित्री बाई महिला सुधार गृह में रात को रखा गया और 5-6 जनवरी को पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें पुलिस स्टेशन में अलग अलग सेल में रखा गया। हमने पुलिस को वो बताया जो नववर्ष की रात को हुआ था। लेकिन पीएसआई धोकराट और दो महिला पीएसआई ने ना सिर्फ हमें गालियां दीं बल्कि हम पर हमला भी किया। धोकराट ने दो महिला पीएसआई को हमारे कपड़े उतारने और प्राइवेट पार्ट्स पर मिर्च पाउडर डालने के लिए भी कहा। हमें एक कमरे में ले जाया गया और वैसा ही किया गया। शिकायतकर्ता युवती ने आरोप लगाया कि युवक की मौत की सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद हमें कैमरे के सामने दो दोस्तों के खिलाफ बयान देने के लिए मजबूर किया गया। साथ ही हमें इस मामले से अलग रखने के लिए रिश्वत भी मांगी गई। गुरुवार को पुणे में मौजूद पुलिस चीफ अमितेश कुमार ने युवक की मौत की जांच क्रांति चौक पुलिस स्टेशन से लेकर स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम को सौंप दी है। पुलिस ने युवक की मौत के सिलसिले में दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है।  


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