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जानिए, कांग्रेस में 'भगदड़' रोकने का क्या है प्लान

विनोद जगदाले, रमन कुमार, नई दिल्ली (7 जून): कांग्रेस, जो एक तरफ लोकसभा चुनावों में मिली करारी शिकस्त के बाद सियासी मैदान में उठ नहीं पा रही हैं, वहीं उसके सिपाही भी पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। अब महाराष्ट्र में कांग्रेस के दिग्गज नेता गुरुदास कामत ने सभी पदों से इस्तीफा देते हुए राजनीति से संन्यास का ऐलान कर दिया है। दूसरी तरफ अरुणाचल, असम के बाद अब कांग्रेस को त्रिपुरा में झटका लगा है। जहां पार्टी के दस में से छह विधायकों ने टीएमसी ज्वाइन करने का ऐलान कर दिया। 

चुनावी मैदान में हर हार के बाद एक और हार का मुंह देख रही कांग्रेस के ये कार्यकर्ता पार्टी में जान फूंकने के लिए नहीं बल्कि अपने नेता गुरदास कामत के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं। क्योंकि केंद्र में मंत्री रहे, महाराष्ट्र के दिग्गज नेता गुरदास कामत ने पार्टी में सभी पदों से इस्तीफा देने के साथ राजनीति से संन्यास का ऐलान कर दिया। बताया जा रहा है कि 

गुरदास कामत पार्टी के फैसलों से खुश नहीं चल रहे थे। महाराष्ट्र से चिदंबरम को राज्यसभा के लिए उतारने पर कामत नाराज बताए जा रहे थे। मुंबई कांग्रेस में चल रही खींचतान भी कामत के गले नहीं उतर रही थी। 

गुरदास कामत कांग्रेस के कितने अहम नेता रहे हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाइए कि 29 साल की उम्र में ही कामत ने मुंबई उत्तर पूर्व सीट पर प्रमोद महाजन और सुब्रह्मण्यम स्वामी जैसे दिग्गज नेताओं को हराया था। गुरदास कामत के मुताबिक दस दिन पहले उन्होंने राहुल गांधी, सोनिया गांधी से मिलकर इस्तीफे की पेशकश कर दी थी। दस दिन में उन्हें कोई जवाब नहीं मिला था। इसलिए उन्होंने मान लिया कि इस्तीफा मंजूर हो गया। 

देश की सबसे पुरानी पार्टी में दूसरी भगदड़ त्रिपुरा में मची है। अरुणाचल, असम के बाद त्रिपुरा में कांग्रेस के भीतर बवंडर आया है। त्रिपुरा में कांग्रेस के दस में से 6 विधायकों ने टीएमसी ज्वाइन करने का ऐलान कर दिया है। 

पार्टी के भीतर मची इसी उथलपुथल पर कभी कांग्रेसी रहे और अब असम में बीजेपी की महाजीत के मैन ऑफ द मैच हिमंत बिस्वासर्मा कहते हैं कि अब कांग्रेस को कोई नहीं बचा सकता। 

गुरदास कामत से पहले अजित जोगी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बाय बाय करके नई पार्टी का ऐलान कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश में बेनी प्रसाद वर्मा कांग्रेस का हाथ छोड़कर मुलायम सिंह की साइकिल पर बैठ चुके हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस में अभी कुछ और विकेट भी जल्द गिर सकते हैं। इसीलिए कांग्रेस नेता भी मांग करने लगे हैं कि पार्टी आलाकमान को अब तो कुछ करना होगा।  

बताया जा रहा है कि कांग्रेस के भीतर मची उथलपुथल की वजह नेतृत्व को लेकर है। एक धड़ा राहुल को जल्द अध्यक्ष बनाना चाहता है। दूसरा विरोध में है। इन सबके बीच कार्यकर्ताओं, नेताओं को लगने लगा है कि कुछ बदलने वाला नहीं। जिसके कारण पार्टी के भीतर इतना हड़कंप है। 


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