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चंद्र ग्रहण: सूतक के कारण टूटी गंगा आरती की परम्परा, दिन में हुई पूजा

आषाढ़ पूर्णिमा पर मंगलवार को गुरु दर्शन के अगले दिन सावन शुरू हो जाएगा। इस बार चंद्र ग्रहण के कारण गुरु दर्शन शाम तक ही होगा तो बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 जुलाई):  चंद्र ग्रहण का नजारा आज रात दिखाई देगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा जिसे पूरे देश में देखा जा सकेगा। शास्‍त्रों के नियम के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण से नौ घंटे पहले ही शुरू हो जाता है। तो इस हिसाब से सूतक 16 जुलाई को शाम 4 बजकर 31 मिनट से सूतक काल शुरू हो चुका है। सूतक काल ने एक बार फिर दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती की परम्परा तोड़ी है। 27 साल में तीसरी बार दिन में गंगा आरती हुई। दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधी द्वारा आयोजित होने वाली सायंकालीन दैनिक मां गंगा आरती चन्द्र ग्रहण के कारण हुई प्रभावित 16 जुलाई को दोपहर 3:00 बजे प्रारम्भ होकर 4:00 बजे तक सम्पन्न करा दी गई। 

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण से पूर्व देवालयों के कपाट बंद होने की परंपरा है। जिसे देखते हुए दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध दैनिक मां गंगा की आरती का भी समय हुआ परिवर्तित गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र द्वारा बताया गया कि साल 1991 से शुरू हुई गंगा सेवा निधि द्वारा दैनिक मां गंगा आरती 27 सालों में तीसरी बार दिन में हुई। 

इस बार गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण भी है। यह ग्रहण कुल 2 घंटे 59 मिनट का होगा। भारतीय समय के अनुसार चंद्र ग्रहण 16 जुलाई की रात 1 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगा और 17 जुलाई की सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर समाप्‍त हो जाएगा। इस दिन चंद्रमा पूरे देश में शाम 6 बजे से 7 बजकर 45 मिनट तक उदित हो जाएगा इसलिए देश भर में इसे देखा जा सकेगा। 


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