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उत्तराखंड: हरक सिंह रावत कैबिनेट से बर्खास्त

नई दिल्ली (19 मार्च): हरीश रावत ने एक बार फिर बहुमत होने का दावा किया है। रावत ने कहा कि बहुमत साबित नहीं होने पर वो इस्तीफा दे देंगे। हरीश रावत ने हरक सिंह रावत को बर्खास्त करने की सिफारिस की है। साथ ही ये भी खबर है कि  कांग्रेस ने इस संकट से निपटने के लिए हरीश रावत को पूरी छूट दे दी है।

उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार के खिलाफ बगावत के बाद सरकार के भविष्य को लेकर सवाल उठ गए है। हरीश रावत अपनी सरकार को सुरक्षित बता रहे है, वहीं बीजेपी का दावा है कि सरकार अल्पमत में है। लेकिन सरकार गिरने और नई सरकार के गठन के बीच अब भी कई पेंच हैं।

कांग्रेस या कहें कि हरीश रावत सरकार के 9 विधायकों के बगावत करके दिल्ली आने के बाद से रावत सरकार का संकट बढ़ गया है। बीजेपी के 26 और कांग्रेस के 9 बागी विधायक देहरादून से चार्टेड प्लेन से दिल्ली पहुंचे और फिर उन्हें गुड़गांव के लीला होटल में ठहराया गया। 

कांग्रेस में बागियों की कमान पूर्व सीएम विजय बहुगुणा और हरक सिंह रावत ने संभाली हुई है। इस बीच बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी राज्य में  या फिर राष्ट्रपति लगाने के लिए तैयार है।

उधर सीएम ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार को कोई भी खतरा नहीं है। उन्होंने सदन में बहुमत साबित करने का दावा भी किया। रावत के मुताबिक अब तक किसी ने पार्टी या कैबिनेट से इस्तीफा नहीं दिया है। उत्तराखंड सीएम ने  बीजेपी के 5 विधायकों के संपर्क में होने का दावा करने नहले पर दहले का दांव खेल दिया।

दिल्ली कूच से पहले देहरादून में क्या हुआ ? > बीजेपी का डेलिगेशन शुक्रवार रात गवर्नर से मिला और सरकार बनाने का दावा पेश किया। > कांग्रेस के बागी विधायक भी बीजेपी विधायकों के साथ मौजूद थे > सभी रात में 11 बजे के करीब बस में सवार होकर गवर्नर से मिलने पहुंचे। > सूत्रों के मुताबिक बीजेपी को बीएसपी के एक विधायक का भी सपोर्ट 

हालांकि विधानसभा स्पीकर जी एस कुंजवाल ने कांग्रेस के बागी सभी 9 विधायकों को नोटिस जारी कर दिया है और उनके खिलाफ दल बदल कानून के तहत कार्रवाई की बात कही है। लेकिन सवाल ये है कि आखिर हरीश रावत के खिलाफ बगावत का बिगुल बजा क्यों, आइये हम आपको बताते हैं...

हरीश रावत का विरोध क्यों ?  > कांग्रेस के बागी विधायक हरीश रावत के कामकाज से नाराज हैं। > विधायकों का आरोप है कि सरकार में बड़े पैमाने पर करप्शन हो रहा है और राज्य बर्बादी की और जा रहा है > सूत्रों के मुताबिक बगावत के पीछे विजय बहुगुणा का रोल सबसे ज्यादा है  > बहुगुणा, रावत को सीएम बनाने को लेकर कई बार खुलकर अपनी नाराजगी जता चुके हैं। > वे पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी की मांग करते आ रहे थे, हरीश रावत खेमा उन्हें जिम्मेदारी देने के विरोध में था।

उत्तरखंड विधान सभा की तस्वीर 70 सीटों वाली उत्तराखंड असेंबली में कांग्रेस के 36, बीजेपी के 28, निर्दलीय 3, बीएसपी के 2 और यूकेडी का 1 विधायक है। कांग्रेस के 9 विधायक अगर बागी हो जाते हैं तो साफ है कि हरीश रावत की कुर्सी खतरे में पड़ जाएगी। हालांकि बीजेपी आलाकमान ने विज बहुगुणा को बैलेंस करने के लिए उनकी बहन रीता जोशी को लगाया है। लेकिन बताया जा रहा है कि विजय बहुगुणा के विद्रोह शांत नहीं करने के पीछे सबसे बड़ा हाथ उनके बेटे साके बहुगुणा का माना जा रहा है जो कि विजय बहुगुणा के सीएम रहते परदे के पीछे से शासन का कामकाज देखा करते थे।


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