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अमेरिका का पाकिस्तान को सबसे बड़ा झटका, मिसाइल प्रोग्राम से जुड़े प्रतिष्ठानों पर लगाई पाबंदी

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (31 दिसंबर): अमेरिका ने पाकिस्तान को दिया है अबतक का सबसे बड़ा झटका। झटका जिससे पाकिस्तान का परमाणु बटन हो जाएगा 'लॉक'। अमेरिका ने पाकिस्तान के मिसाइल प्रोग्राम से जुड़े प्रतिष्ठानों पर प्रतिबंध लगा दिया है। पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' में छपी खबर के मुताबिक अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने ये रोक लगाई है। रोक पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े सात बड़े प्रतिष्ठानों पर लगाई गई है। खबरों के मुताबिक अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने इन प्रतिष्ठानों को अमेरिका की ‘एक्सपोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन रेगुलेशन्स’(EAR) सूची में डाल दिया है। इस सूची में उन प्रतिष्ठानों को रखा जाता है जिन पर अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ काम करने का आरोप होता है। इस सूची में डालने के बाद इन प्रतिष्ठानों से जुड़े सभी सामानों के आयात-निर्यात कड़ी नजर रखी जाएगी। इस प्रतिबंध का सीधा-सीधा असर पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर पड़ना तय है।

पाकिस्‍तानी अखबार द डॉन के मुताबिक प्रतिबंधित प्रतिष्ठानों में अहद इंटरनेशनल, एयर वैपन्स कॉम्‍प्‍लेक्‍स, इंजिनियरिंग सॉल्यूशन्‍स प्राइवेट लिमिटेड, मैरीटाइम टेक्‍नॉलजी कॉम्‍प्‍लेक्‍स नैशनल इंजिनियरिंग ऐंड साइंटिफिक कमिशन, न्यू ऑटो इंजिनियरिंग और यूनिवर्सल टूलिंग सर्विसेज शामिल हैं। हालांकि पाकिस्तान अपने परमाणु या मिसाइल कार्यक्रम में किसी भी तरह की गड़बड़ी की हमेशा इनकार करता रहा है। लेकिन भारत पाकिस्तान के इस झूठ को बेनकाब करने की कोशिश करता रहा है। कैसे पाकिस्तान बिजली के नाम पर बना रहा है परमाणु बम? कैसे पाकिस्तान दुनिया की आंखों में धूल झौंक कर अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को आगे बड़ा रहा है? आज की तारीख में पाकिस्तान के पास 120 से ज्यादा न्यूक्लियर बम हैं जो भारत, इजरायल और उत्तरी कोरिया से ज्यादा है। अनुमान है कि 2020 तक पाकिस्तान के पास आज के मुकाबले दोगुने परमाणु हथियार हो जाएंगे।

दुनिया के सामने कैसे हुआ पाकिस्तान बेनकाब

कैसे बिजली के नाम पर PAK ने बनाए परमाणु बम...

- जानकार मानते हैं कि ज्यादा यूरेनियम एनरिचमेंट परमाणु बम बनाने के लिए हो रहा है।

- पाकिस्तान के पास 2750 किलो परमाणु हथियार बनाने वाला उच्च सवंर्धित यूरेनियम है।

- पाकिस्तान हर साल 150 किलोग्राम उच्च सवंर्धित यूरेनियम विकसित कर रहा है।

- रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने 140 किलोग्राम प्लूटोनियम का उत्पादन किया है।

- ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के पास करीब 120 परमाणु बम हैं।

- पाकिस्तान के कहुटा और गोलरा में यूरेनियम एनरिचमेंट रिसर्च सेंटर।

- इसके अलावा चश्मा और खुशाब में प्लूटोनियम उत्पादन केंद्र है।

- रावलपिंडी में परमाणु तकनीक विकास केंद्र,सरगोधा में चीनी M-11 मिसाइलों का भंडार।

- चगाई पहाड़ियों पर परमाणु परीक्षण केंद्र, तरवाना में मिसाइल उत्पादन केंद्र।

- साफ है पाकिस्तान के कई इलाकों में लगातार परमाणु हथियारों पर काम चल रहा है।

- पाकिस्तान के ज्यादातर परमाणु हथियार पंजाब इलाके में छिपा कर रखे गए हैं।

- पाकिस्तान का पंजाब इलाका ही तालिबान के निशाने पर सबसे ज्यादा रहा है।

न्यूक्लियर एनर्जी के नाम पर PAK का झूठ...

- पाकिस्तान में 22 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन होता है।

- जबकि 9 परमाणु संयत्रों में केवल 1300 मेगावाट उत्पादन होता है।

- कराची के खुशाब में चार परमाणु संयत्र काम कर रहा है।

- कराची में आम दिनों में 4 से 10 घंटे तक बिजली कटती है।

- पंजाब के मिंयावली में चार चश्मा परमाणु संयत्र काम कर रहे हैं।

- लेकिन फैसलाबाद, पेशावर, सरगोदा और मिंयावली में 8-8 घंटे बिजली नहीं आती।

चीन की मदद से पाकिस्तान ने बनाए Nuclear Bombs... 

चीन ने पाकिस्तान को न्यूक्लियर रिएक्टर दिए है। वही न्यूक्लियर रिएक्टर जिसका पाकिस्तान बिजली बनाने की जगह परमाणु बम बनाने में इस्तेमाल करता रहा है। हाल ही में जारी आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन (ACA) की रिपोर्ट ने किया है खुलासा। रिपोर्ट के मुताबिक 2010 में NPT रिव्यू कॉन्फ्रेंस के दौरान रखे प्रपोजल को दरकिनार करते हुए चीन ने पाकिस्तान से 2013 में न्यूक्लियर रिएक्टर देने की डील की थी। आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन (ACA) ने अपनी रिपोर्ट में चीन के इस कदम को NPT के नियमों के खिलाफ बताया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 'चीन एक ऐसे देश (पाकिस्तान) को ये रिएक्टर्स दे रहा है जो इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के मानकों पर खरा नहीं उतरता।'

Chashma 3 प्लांट के लिए दिए न्यूक्लियर रिएक्टर...ACA की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने पाकिस्तान के साथ Chashma 3 न्यूक्लियर रिएक्टर के लिए 2013 में करार किया था। चीन ने पाकिस्तान को Chashma 3 न्यूक्लियर पावर कॉम्प्लेक्स के लिए अभी तक 6 परमाणु रिएक्टर उपलब्ध कराए हैं। 2004 से लेकर अभी तक चीन की NSG की सदस्यता इस मामले में आड़े नहीं आई है। चीन ने पाकिस्तान को परमाणु रिएक्टरों की सप्लाई के लिए 2003 की डील को आधार बनाया है, हालांकि तब चीन NSG का सदस्य नहीं था।

कहां है Chashma न्यूक्लियर प्लांट...साल 2000 मेंचीन की सहायता से पाकिस्तान ने चश्मा में न्यूक्लियर प्लांट की स्थापना की थी। चश्मा न्यूक्लियर प्लांट पाक पंजाब के जिले मियांवाली में स्थित है जो राजधानी इस्लामाबाद से 280 किमी दूर है और दिल्ली से 680 किमी दूर। सितम्बर 2000 से यह प्लांट पूरी तरह से काम कर रहा है। इसके बाद 2011 में चीन ने चश्मा न्यूक्लियर पावर प्लांट नंबर 2 का निर्माण करवाया। जून 2016 में इसके तीसरे परमाणु सयंत्र पर काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा चौथे प्लांट पर भी काम चल रहा है जिसके मार्च 2017 तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

चीन की मदद से पाकिस्तान ने बनाए Nuclear Bombs... चीन पाकिस्तान का व्यापारिक ही नहीं रणनीतिक साझेदार भी है। चीन और पाकिस्तान के बीच सैन्य गठजोड़ भारत के लिए एक प्रमुख रणनीतिक चुनौती बन चुकी है। चीन को पाकिस्तान के न्यूक्लियर हथियार कार्यक्रम में प्रत्यक्ष तौर पर सहायता के लिए जाना जाता है। पाकिस्तान को परमाणु हथियारों के विकास के लिए सामान, न्यूक्लियर वार-हेड डिजाइन और कम से कम दो न्यूक्लियर बमों के लिए पर्याप्त HEU (अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम) और दोहरे इस्तेमाल वाली तकनीक मुहैया कराने में भी चीन का ही हाथ है।


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