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अमेरिका में H-1B वीजा को लेकर सख्त हुए नियम, इन इंजीनियर्स को नहीं मिलेगी अब एंट्री

नई दिल्ली(4 अप्रैल): ट्रम्प प्रशासन ने साफ किया है कि एच-1बी वीजा फ्रॉड और गलत इस्तेमाल से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

- हाल ही में जारी पॉलि‍सी मेमोरेंडम में कहा गया है कि कम्प्‍यूटर प्रोग्रामर्स H-1B वीजा के लिए एलिजिबल नहीं होंगे।

- यूएससीआईएस ने 31 मार्च को ‘रिसेशन ऑफ द दि‍संबर 22, 2000, गाइडलाइन मेमो ऑन H-1B कम्प्‍यूटर रिलेटेड पोजि‍शन’ नाम से पॉलि‍सी मेमोरेंडम जारी कि‍या था।

- खबर के मुताबिक, एच-1बी वीजा देने में सख्ती बरतने का एलान यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विस (USCIS) ने किया।

- USCIS ने कहा, "हमारा मकसद एच-1बी वीजा के गलत इस्तेमाल को रोकना है। इससे अमेरिकी कंपनियों को हाइली स्किल्ड विदेशियों को अप्वाइंट करने में मदद मिलेगी। फिलहाल, यूएस में क्वालिफाइड वर्कर्स की कमी है।"

- ये भी कहा गया है कि अगर कोई कंपनी एच-1बी वीजा प्रोग्राम का मिसयूज करती है तो इसका असर अमेरिकी वर्कर्स पर तो पड़ेगा ही, साथ ही सैलरी में कमी आएगी और फॉरेन इम्प्लॉइज को लाने के मौके कम होंगे।

- बता दें कि 2015 में डि‍पार्टमेंट ऑफ लेबर द्वारा सर्टि‍फाइड सभी H-1B एप्‍लिकेशन्स में करीब 12 फीसदी हि‍स्‍सा कम्प्‍यूटर प्रोग्रामर्स रहे हैं। इसमें से 41% सबसे कम सैलरी वाली पोजि‍शन पर थे।


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