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भीड़ सकते हैं अमेरिका और चीन, दोनों के जहाज आमने-सामने

नई दिल्ली (10 जुलाई): विस्तारवादी नीति की वजह से चालबाज चीन का भारत समेत अपने सभी पड़ोसियों से छत्तीस का आकंड़ा है। हालाकि नापाक पाकिस्तान इसका अपवाद है। चीन की आक्रमक विस्तारवादी नीति की वजह से साउथ चाइना सी में लगातार युद्ध के आसार बनते जा रहे हैं। तमाम अंतर्राष्ट्रीय नियमों और चेतावनियों की अनदेखी कर चीन लगातार यहां अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है।

चीन की साउथ चाइना सी के सैन्यीकरण और वहां आइलैंड बनाने के बनाने के लिए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने चीन की कडी आलोचना की है। इन तीनों देशों ने चीन के प्रति इस मामले में सख्त रवैया अपनाते हुए कि साउथ चाइना सी में आचार संहिता कानूनी रूप से बाध्यकारी होनी चाहिए। इन देशों ने साउथ चाइना सी में विशालकाय आर्टिफिशल आइलैंड बनाने पर आपत्ति जताते हुए आशंका व्यक्त की है कि इन आइलैंड्स का इस्तेमाल मिलिटरी बेस के रूप में किया जा सकता है और इसके जरिए चीन की मंशा यहां अपना वर्चस्व स्थापित करने की हो सकती है। वहीं चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बाहरी पक्षों द्वारा किसी भी तरह की दखलंदाजी यहां आचार संहिता को लेकर हो रही बातचीत को खतरे में डाल सकती है। 

इन सबके बीच यहां अमेरिकी और चीन युद्धपोत आमने-सामने आ गया है और बताया जा रहा है कि अगर चीन ने अपने रुख में बदलाव नहीं किया तो यहां कभी भी युद्ध छिड़ सकता है। आपको बता दें कि साउथ सी के लगभग पूरे इलाके पर चीन अपना दावा जताता है। साउथ चाइना सी में तेल और गैस के बडे भंडार होने की बात कही जाती है, इसके जरिए सालाना 5 ट्रिलियन डॉलर का कारोबार होता है। हांलांकि चीन के इस दावे को लेकर वियतनाम, फिलीपीन्स, मलयेशिया, ब्रुनेई सहित आसियान के सभी 10 सदस्य देशों और ताइवान के साथ भी उसका विवाद है।      


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