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मेल वॉर्ड में शिफ्ट करें या फीमेल वॉर्ड में, इसी देरी में घायल ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता ने दम तोड़ा!

नई दिल्ली (25 मई): पाकिस्तान के खैबर-पख्तुनख्वा ट्रांस एक्शन एलायंस की कोऑर्डिनेटर अलीशा ने बुधवार को दम तोड़ दिया। उन्हें पेशावर में 6 बार गोलियां मारी गई थी। बता दें, ट्रांस एक्शन एलायंस यह एक ऐसा संगठन है जो पाकिस्तान के इस प्रांत में ट्रांसजेंडर समुदाय की जरूरतों के लिए काम करता है।

अलीशा को पेशावर में लेडी रीडिंग हॉस्पिटल (एलआरएच) में गंभीर हालत में रविवार को शिफ्ट किया गया था। हालांकि, एलआरएच अधिकारी उन्हें तुरंत इमरजेंसी सर्विस नहीं दे पाए। क्योंकि वे लंबे समय तक यही नहीं तय कर पाए कि उन्हें मेल वॉर्ड में शिफ्ट किया जाए या कि फीमेल वॉर्ड में।

'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लू वीन्स प्रोग्राम के कोऑर्डिनेटर कमर नसीम ने बताया कि अलीशा की मौत के लिए एलआरएच अधिकारी जिम्मेदार हैं। क्योंकि वे उन्हें तुरंत इलाज और जरूरी सुविधाएं नहीं दे पाए, क्योंकि वह एक ट्रांसजेंडर थी।

उन्होंने कहा, "हम एलआरएच अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हैं। क्योंकि उन्होंने अलीशा को तुरंत इलाज नहीं दिया। उनकी स्टोरी मीडिया में आने के बाद भी उन्हें सुविधाएं नहीं दी गईं। सरकारी अधिकारियों ने भी कोई कदम नहीं उठाया।" 

फीमेल वार्ड में शिफ्ट किए जाने के कई बार के आग्रह किए जाने के बाद भी घायल कार्यकर्ता को मेल वॉर्ड में शिफ्ट किया गया। जिससे ट्रांसजेंडर कम्यूनिटी और रिश्तेदारों की तरफ से विरोध चालू हो गया है।  

एलआरएच एमटीआई के प्रवक्ता ने बताया कि यह समस्या अब सुलझ चुकी है। उन्होंने बताया कि "अस्पताल केवल भर्ती लोगों की शिकायत पर ही काम कर रहा था।" उन्होंने बताया कि वे अलीशा को एक प्राइवेट वॉर्ड में शिफ्ट करने की कोशिश कर रहे थे। क्योंकि जनरल वॉर्ड में समस्याएं खड़ी हो गई थीं।

हालांकि, नसीम ने कहा कि अस्पताल के बॉल्टन ब्लॉक के प्राइवेट रूम में शिफ्ट किए जाने के बाद भी कोई डॉक्टर अलीशा को देखने के लिए नहीं आया। "हमने एलआरएच अधिकारियों से अलीशा को उनके घावों को देखते हुए आईसीयू में भर्ती करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।"

एसोसिएशन का कहना है कि एक संगठित आपराधिक गैंग जो ट्रांसजेंडर समुदाय से पैसे वसूलता है, अलीशा पर हुए हमले के पीछे उसी का हाथ है। उनका दावा है कि यह गैंग ट्रांसजेंडर लोगों को पोर्न वीडियो बनाने के लिए भी मजबूर करता है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ फकीराबाद पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली है। आगे की जांच की जा रही है।

ब्लू वीन्स प्रोग्राम के कोऑर्डिनेटर कमर नसीम का कहना है कि जनवरी 2016  से अकेले खैबर-पख्तुनख्वा में 45 ट्रांसजेंडर्स को निशाना बनाया गया है।


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