News

महंगाई की मार, चीनी के दामों में 7 साल में सबसे बड़ा उछाल

नई दिल्ली (12 जनवरी): भले ही किसानों को गन्ने की उचित कीमत नहीं मिल पा रही है, लेकिन पिछले 7 साल में चीनी के दाम अभी तक सबसे ऊपर पहुंच गए हैं। चीनी के प्रमुख उत्पादक महाराष्ट्र में कीमतों ने 40 रुपये प्रति किलो के स्तर को छुआ है।

पिछली बार जनवरी 2010 में M30 ग्रेड शुगर के दाम 40 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंचे थे। हालांकि, इतनी ज्यादा कीमत सिर्फ आठ दिनों तक ही रही थी। केंद्र सरकार ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वह चीनी की कीमतें 40 रुपये प्रति किलो से ऊपर नहीं चाहती। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में ध्यानेश्वर सहकारी शक्कर कारखाने ने L ग्रेड वाली शुगर बेची। L ग्रेड वाली शुगर का उत्पादन कम मात्रा में होता है। हालांकि, घरों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाली M ग्रेड शुगर सरकार के 40 रुपये/ किलो के कंफर्ट लेवल के करीब 39 रुपये/किलो पर मिल रही है।

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि जमाखोरी के चलते चीनी के दाम नहीं बढ़े हैं। उनके मुताबिक, इसकी बुनियादी वजहें हैं। ध्यानेश्वर कारखाने में गन्ने की पेराई 49 दिनों में ही बंद हो गई थी, यह करीब 40 साल पहले मिल शुरू होने के बाद से सबसे छोटा सीजन है।

व्यापारियों ने दावा किया कि उनके बीच डर बढ़ा है, क्योंकि कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़े के मुताबिक देश में चीनी की खुदरा कीमतें 36-47 रुपये प्रति किलो की रेंज में रहीं। चीनी उद्योग को लंबे वक्त के बाद पिछले साल कुछ राहत मिली। पहले चीनी की कीमत इतनी कम हो गई थी कि मिलों के लिए लागत वसूल पाना मुश्किल हो रहा था।


Related Story

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top