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श्रीलंका का चीन से दो-दो हाथ, भारत के लिए खुशी

नई दिल्ली ( 25 जुलाई ): डोकलाम सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच लगातार तनाव जारी है। श्रीलंका ने अपने देश में बंदरगाह बना रहे चीन के सामने नई शर्तें लगा दी हैं। गौर करने वाली बात यह है कि श्रीलंका ने नई शर्तें लगाने में भारत के सामरिक हितों का पूरा ख्‍याल रखा है। बता दें कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साउथ चाइना सी में अपनी नेवी को खुली छुट देने का एलान किया है।  

श्रीलंका के मंत्रिमंडल ने मंगलवार को अपने चीनी-निर्मित दक्षिणी बंदरगाह हमबनटोटा के लिए एक संशोधित समझौते को मंजूरी दे दी है, मतलब ये कि पहले हमबनटोटा पोर्ट को लेकर चीन और श्रीलंका के बीच समझौता हुआ था उसमे संशोधन किया जाएगा। श्रीलंका ने ये फैसला भारतीय सामरिक महत्व को देखते हुए किया है। इसके साथ ही दुनिया की सबसे व्यस्त शिपिंग लेन के करीब का बंदरगाह विवादों में फंस गया है, क्योंकि ये बातें होती रही है कि अभी तक हमबनटोटा पोर्ट पर 1.5 अरब डॉलर का निवेश हुआ है और चीन ने समझौते के तहत 80 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक श्रीलंका सरकार ने बंदरगाह पर वाणिज्यिक परिचालन चलाने के लिए चीन की भूमिका को सीमित करने की मांग की है, जबकि इसके पास व्यापक सुरक्षा की निगरानी है। नई शर्तों से भारत और जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका में भी चिंताएं दूर हो जाएंगी, क्योंकि सैन्य उद्देश्यों के लिए बंदरगाह का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। आपको बता दें कि हंबनटोटा पोर्ट के सैन्य इस्तेमाल को लेकर भारत ने हमेशा अपनी चिंताए जाहिर की हैं।

इससे पहले जनवरी में श्रीलंका ने उस रिपोर्ट को भी खारिज कर दिया था, जिसमें दावा किया गया था कि सामरिक तौर पर अहम श्रीलंका के हमबनटोटा पोर्ट को चीन को सौंप दिया गया है। श्रीलंका ने इस बात की पुष्टि की थी कि वह हमबनटोटा पोर्ट पर हमेशा श्रीलंका की ही मौजूदगी रहेगी।


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