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अलगाववादियों का पर्यटकों को ऑफर, कश्मीर आकर हमारी मेहमाननवाजी का लें मजा

श्रीनगर (7 दिसंबर): लंबे बंद और प्रर्दशन की वजह से कश्मीर घाटी की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है। उद्योग धंधे बंद पड़े हैं। पर्यटकों का घाटी में आना लगभग बंद हो चुका है। नोटबंदी के बाद एकबार फिर से घाटी अमन की राह पर लौटने लगी है। धीरे-धीरे सामान्य होती जिंदगी के बीच अलगाववादी हुर्रियत कांफ्रेंस ने हड़ताली कैलेंडर में तब्दील करने का ऐलान किया है। 

संयुक्त अलगाववादी नेतृत्व ने मंगलवार को विश्व भर के पर्यटकों और यात्रियों को कश्मीर आकर यहां की मेहमाननवाजी और यहां की सुंदरता का लुत्फ उठाने के लिए आमंत्रित किया है। अलगाववादी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज मौलवी उमर फारूक और यासीन मलिक वाले संयुक्त अलगाववादी नेतृत्व ने एक बयान जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि कश्मीरी सदियों से चली आ रही कश्मीरी मेहमाननवाजी को संभाले बैठे हैं और हमारा मजहब भी हमें यही सिखाता है।

अलगाववादी नेताओं ने देश भर समेत विश्व से कश्मीर घूमने आने की इच्छा रखने वाले पर्यटकों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हमारा इस्लाम हमें अपने मेहमानों की मेहमाननवाजी समेत उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी देता है। अलगाववादी नेताओं ने देश-विदेश के पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को बेखौफ कश्मीर आने का दावत दिया। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले लोग हमारे मेहमान हैं और उनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।

दरअसल लगातार बंद से स्थानीय पर्यटन क्षेत्र और अर्थव्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। दिसंबर से लेकर फरवरी अंत तक कश्मीर में सर्दियों का पर्यटन सीजन रहता है। हालात के चलते अभी तक कश्मीर में पर्यटकों की आमद ठप है। इससे पर्यटन उद्योग से जुडे लोगों का दबाव भी अलगाववादियों पर है और उनका साथ बनाए रखने और देश-दुनिया में अपनी छवि को बचाए रखने के लिए ही अलगाववादी खेमे ने यह अपील जारी की है।


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