News

"भारत पहले हिंदुओं का देश, बाद में दूसरों का"

मुंबई (30 अक्टूबर): शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में एक ऐसा लेख छपा है, जिसपर विवाद होना लाजिमी है। इसमें कहा गया है कि भारत पहले हिंदुओं का देश है, बाद में किसी अन्य का। इसी के साथ इसमें लिखा है कि केंद्र में हिंदुत्व समर्थक सरकार होने के बावजूद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और विस्थापित कश्मीरी पंडितों की घर वापसी जैसे मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं।

पार्टी के मुखपत्र सामना के संपादकीय में शिवसेना ने कहा है, 'आरएसएस प्रमुख का कहना है कि हिंदुओं की भांति भारत अन्य का भी है। भारत पहले हिंदुओं का है, बाद में अन्य किसी का, क्योंकि मुसलमानों के लिए 50 से ज्यादा देश हैं। ईसाइयों के पास अमेरिका और यूरोप (वहां के देश) जैसे देश हैं। बौद्धों के लिए चीन, जापान, श्रीलंका और म्यांमार है, हिंदुओं के पास भारत अलावा कोई देश नहीं है।'

संपादकीय में लिखा है, वर्तमान में हिंदुत्व समर्थक, बहुमत वाली सरकार है। फिर भी, वह अयोध्या में राम मंदिर बनाने की इच्छुक नहीं है और उसने इसके भविष्य को अदालत के हाथों में छोड़ दिया है। शिवसेना ने सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रगान बजाने को लेकर चल रही चर्चा पर भी अपना विचार दिया। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों पूर्णतया आरएसएस की विचारधारा से ताल्लुक रखते हैं। इसके बावजूद वंदे मातरम गाने को लेकर अड़ियल रवैया है। कुछ लोगों को तो राष्ट्रगान के दौरान खड़े होने को लेकर भी दिक्कत है।


Related Story

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top