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SCO में भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय मामलों पर रोक: चीन

नई दिल्ली ( 15 जून ): चीन ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ ) में भारत और पाकिस्तान का स्वागत किया है। चीन गुरुवार को उन आशंकाओं को भी खारिज कर दिया कि दोनों पड़ोंसी देशों के बीच मतभेद से समूह की एकता को नुकसान पहुंचा सकता है।

चीन ने जानकारी दी कि घोषणापत्र में सदस्यों पर उनकी द्विपक्षीय शत्रुता को संगठन में लाने पर रोक लगाई गई है। चीन के सहायक विदेश मंत्री कोंग शियानयू ने समूह के नए सदस्यों के तौर पर दोनों देशों का औपचारिक स्वागत करते हुए एससीओ मुख्यालय में कहा, 'शंघाई सहयोग संगठन के संस्थापक सदस्य के तौर पर हम भारत एवं पाकिस्तान के सदस्य बनने से खुश हैं।'

आठ सदस्यों वाले इस संगठन के अहम सदस्य चीन में संगठन का मुख्यालय है। इस मुख्यालय में आज भारत एवं पाकिस्तान के ध्वजारोहण के लिए एक समारोह का आयोजन किया गया। चीन में भारत के राजदूत विजय गोखले और उनके पाकिस्तानी समकक्ष मसूद खालिद इस समारोह में शामिल हुए। भारत एवं पाकिस्तान को आठ-नौ जून को कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में सदस्य के तौर पर औपचारिक रूप से शामिल किया गया था।

भारत एवं पाकिस्तान के अलावा चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान इसके सदस्य हैं। अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान एवं मंगोलिया इसके पर्यवेक्षक हैं। समारोह में शिरकत करने वाले कोंग ने संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत में सरकारी चीनी मीडिया की इन आशंकाओं को खारिज किया कि भारत एवं पाकिस्तान के प्रवेश से एससीओ की एकजुटता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, 'एससीओ के घोषणापत्र में यह प्रावधान है कि द्विपक्षीय संबंधों में शत्रुता संगठन के बीच नहीं आनी चाहिए। मेरा मानना है कि दोनों देश संगठन के इस प्रावधान का पालन करेंगे। कोंग ने कहा कि भारत एवं पाकिस्तान के बीच के मतभेदों को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं देखना चाहिए।'


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