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हमने 17 मिनट में बाबरी तोड़ी, कानून बनाने में कितना टाइम लगता है- संजय राउत

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर सियासी घमासा जोरों पर हैं। शिवसेना प्रमुख उद्धाव ठाकरे के अयोध्या दौरे और वीएचपी की धर्मसभा पर तमाम दलों के नेता अपने-अपने सियासी फायदे-नुकासन के हिसाब से बयानबाजी में जुटे हैं।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 नवंबर): अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर सियासी घमासा जोरों पर हैं। शिवसेना प्रमुख उद्धाव ठाकरे के अयोध्या दौरे और वीएचपी की धर्मसभा पर तमाम दलों के नेता अपने-अपने सियासी फायदे-नुकासन के हिसाब से बयानबाजी में जुटे हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या की सुरक्षा में सैनिक तैनात करने की मांग की है। वहीं अखिलेश यादव की इस मांग पर शिवसेना नेता संजय राउत ने पलटवार किया है।

शिवसेना के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि अखिलेश के पिता मुलायम जब सीएम थे तब उन्होंने कार सेवको पर गोलियां चलाई थी हम भी गोलियां खाने को तैयार है और अयोध्या में पाकिस्तान की आर्मी बुलाओ। साथ ही उन्होंने कहा कि, 17 मिनट में जिस बाबरी मस्जिद को हमने तोड़ा था उस स्थान पर मंदिर बनाने में कितना समय लगेगा। राष्ट्रपति भवन से लेकर उत्तर प्रदेश तक भाजपा की सरकार है और राज्य सभा में बहुत से सांसद हैं जो राम मंदिर बनाने के पक्ष में हैं। तो ऐसे में जो इसके खिलाफ खड़ा होगा उसका देश में घुमना भी मुश्किल होगा।

आपको बता दें कि शिवसेना ने बीजेपी से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर अध्यादेश लाने और तारीख की घोषणा करने के लिए कहा है। बीजेपी पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में लिखा, "सत्ता में बैठे लोगों को शिवसैनिकों पर गर्व होना चाहिए जिन्होंने राम जन्मभूमि में बाबर राज को खत्म कर दिया। शिवसेना ने कहा कि वह चुनाव के दौरान न तो भगवान राम के नाम पर वोटों की भीख मांगती है और न ही जुमलेबाजी करती है। शिवसेना प्रमुख उद्धव राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर आज अयोध्या पहुंच रहे हैं। संपादकीय में लिखा है, "हमारे अयोध्या दौरे को लेकर खुद को हिंदुत्व समर्थक कहने वालों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? हम राजनीतिक मकसद से वहां नहीं जा रहे हैं।" शिवसेना ने दावा किया कि उसने "चलो अयोध्या" का नारा नहीं दिया है। उसने कहा, "अयोध्या किसी की निजी जगह नहीं है। शिवसैनिक वहां भगवान राम के दर्शन करने जा रहे हैं।" संपादकीय में ये भी कहा गया है, "अयोध्या में अब रामराज नहीं सुप्रीम कोर्ट का राज है। 1992 में बालासाहेब के शिवसैनिकों ने राम जन्मभूमि में बाबर राज को तबाह कर दिया था। फिर भी सत्ता में बैठे लोग उन शिवसैनिकों पर गर्व करने के बजाय उनसे डर और जलन महसूस कर रहे हैं।

ज्यादा जानकारी के लिए देखिए न्यूज 24 की ये खास रिपोर्ट...


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