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मध्य प्रदेश और राजस्थान में तुरंत लागू 'लाल बत्ती बैन', 1 मई का इंतजार नहीं

नई दिल्ली ( 20 अप्रैल ): केंद्र सरकार ने वीवीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए लाल और नीली बत्ती पर 1 मई से लगाई गई रोक लगाने का फैसला किया है। इनमें राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सुप्रीमकोर्ट के न्यायाधीश, उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, राज्यों के मुख्यमंत्री व मंत्री तथा सभी सरकारी अफसरों के वाहन शामिल हैं। अब केवल एंबुलेंस, फायर सर्विस जैसी आपात सेवाओं तथा पुलिस व सेना के अधिकारियों के वाहनों पर नीली बत्ती लगेगी।

इस पर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राज्य के मंत्रियों और अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपनी कारों से लालबत्ती उतारने का आदेश दिया है। मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने मंत्रियों को यह निर्देश दिया है।

राजस्थान की भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री राजे ने यह आदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केंद्र सरकार में लिए गए मंत्रियों और अधिकारियों के वाहनों से लालबत्ती हटाने के फैसले का स्वागत करते हुए दिया।

मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों और राज्य के अधिकारियों को अपने वाहनों से तुरंत प्रभाव के साथ लालबत्ती हटाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिचायक है और यह 'पीपल्स फ्रेंडली' सरकार के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है। इससे वीआईपी संस्कृति खत्म होगी और आमजन का सरकार से लगाव बढ़ेगा।

मंत्रियों और अफसरों की गाड़ियों से लालबत्ती हटाने के केंद्र सरकार के फैसले का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी स्वागत किया है। वसुंधरा राजे की ही तरह उन्होंने भी इस फैसले पर अमल के लिये एक मई तक का इंतजार न करने का ऐलान किया है।

शिवराज ने ट्वीट किया कि वह और उनकी टीम तत्काल इस फैसले पर अमल करेगी। सभी मंत्री तत्काल अपनी गाड़ियों से लालबत्ती हटा देंगे। कुछ मंत्रियों और मंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं ने अपनी गाड़ियों से लालबत्तियां हटा भी दी हैं।


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