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राजा भैया ने बनाई नई पार्टी, बोले- जाति नहीं योग्यता के आधार पर हो आरक्षण

यूपी के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा से बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने शुक्रवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा की। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निर्दलीय विधायक राजा भैया ने अपनी पार्टी के नाम और मुद्दों के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट, आरक्षण और जातिवादी राजनीतिक योजनाओं को देखते हुए उन्हें नई पार्टी बनाने की जरूरत महसूस हुई।

                                                                                         Photo: ANI

न्यूज 24 ब्यूरो, मुंबई (16 नवंबर): यूपी के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा से बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने शुक्रवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा की। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निर्दलीय विधायक राजा भैया ने अपनी पार्टी के नाम और मुद्दों के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट, आरक्षण और जातिवादी राजनीतिक योजनाओं को देखते हुए उन्हें नई पार्टी बनाने की जरूरत महसूस हुई। नई पार्टी की घोषणा करते हुए राजा भैया ने कहा कि देश और प्रदेश में तमाम पॉलिटिकल पार्टियां हैं लेकिन वे आम लोगों से जुड़े मुद्दे पर सदन में चर्चा तक नहीं करते। जिसे देखते हुए उन्होंने नई पार्टी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग में आवेदन किया है। उन्होंने बताया कि हमने तीन नामों को सुझाया है, जिनमें जनसत्ता पार्टी, जनसत्ता दल और जनसत्ता लोकतांत्रिक पार्टी का नाम शामिल है। पार्टी का नाम फाइनल होने में कुछ समय लग सकता है।

इस दौरान राजा भैया ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान एससी-एसटी ऐक्ट और आरक्षण में प्रमोशन का विरोध उनकी पार्टी का मुख्य मुद्दा होगा। प्रेस वार्ता में राजा भैया ने 30 नवम्बर को लखनऊ के रमाबाई मैदान में रैली आयोजित करने की भी जानकारी दी। माना जा रहा है कि इसी रैली के जरिए राजा भैया 2019 लोकसभा चुनाव का आगाज भी करेंगे।बीजेपी का इशारा तो नहीं! चर्चा यह भी है कि राजा भैया द्वारा नई पार्टी के गठन के पीछे बीजेपी के शीर्ष नेताओं का ही इशारा है। तर्क है कि राजा राजनीति के माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं। वर्तमान में बीजेपी से पंगा लेना उनके लिए हितकर नहीं है। ऐसे में नई पार्टी का गठन कर जहां बीजेपी से नाराज वोट बैंक को थाम सकते हैं, वहीं ऐसे नेताओं को भी लामबंद कर सकते हैं जो एसपी और बीएसपी से नाराज चल रहे हैं। चुनाव के बाद वह प्रत्यक्ष या फिर अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी के साथ जा सकते हैं। बीजेपी की पूरी कार्य योजना एसपी-बीएसपी के महागठबंधन की काट के लिए चल रही है। ऐसे में राजा भैया की पार्टी से मैदान में उतरे प्रत्याशी कई सीटों पर बीजेपी प्रत्याशियों की राह आसान कर सकते हैं।


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