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पीएम मोदी पर राहुल का तीखा वार, कहा- मोदी सरकार के अर्थशास्त्री हैं रामदेव

नई दिल्ली ( 11 जनवरी ): मोदी सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस बड़ी रणनीति बना रही है। इसी कड़ी में पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में जन वेदना सम्मेलन कर रहे हैं। इस सम्मेलन की शुरुआत हो चुकी है। राहुल गांधी इसकी अध्यक्षता कर रहे हैं। मंच पर राहुल गांधी के साथ पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत नेता दिखे। इस सम्मेलन में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी शामिल नहीं हो रही हैं। सोनिया गांधी अभी भी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हैं।  

नोटबंदी को लेकर जन वेदना सम्मेलन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी एक खराब फैसला था। लोग पूछ रहे हैं कि अच्छे दिन कब आएंगे। 2019 में कांग्रेस की सरकार से अच्छे दिन आएंगे। इस सरकार में लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हो रही हैं। RBI गवर्नर के पद को हास्यास्पद बना दिया गया है। हमने 70 साल तक संस्थाओं का आदर किया और ये लोग देश की आत्मा को खत्म करने में लगे हैं।

राहुल ने कहा कि ढाई साल पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि हिन्दुस्तान को स्वच्छ बना दूंगा। सभी को झाड़ू भी पकड़ाया, फैशन था, तीन-चार दिन चला, खुद भी झाड़ू पकड़ा, फिर भूल गए। इसके बाद मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया जैसी कई योजनाएं लाएं, लेकिन लोगों ने साफ देखा कि जब बीजेपी नेताओं ने झाड़ू पकड़ा हुआ था तो गलत पकड़ा था। पीएम मोदी ने भी सही नहीं पकड़ा था।

पीएम मोदी योग करते हैं, लेकिन वह पद्मासन नहीं लगा पाए। मैंने भी योग किया है, एक्सपर्ट नहीं हूं, लेकिन मुझे सिखाने वाले ने भी बताया कि जो योग करता है वह पद्मासन लगा सकता है। नोटबंदी के बाद पीएम बाबा रामदेव जैसे होम मेड इकोनॉमिस्ट के पीछे छिप रहे हैं।पीएम मोदी इसके बाद नोटबंदी लेकर आए। हिन्दुस्तान तो छोड़ो दुनिया के सभी इकोनॉमिस्ट ने इसे अर्थव्यवस्था के लिए खराब बताया, उन्होंने नोटबंदी के जरिए अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी।

राहुल ने मोदी सरकार पर मीडिया को दबाव में रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मीडिया वाले मुझसे शिकायत करते हैं कि मनमोहन सिंह जब प्रधानमंत्री थे तो हम खुलकर बोलते थे, लेकिन आजकल ऐसा नहीं हो पाता है। वे कहते हैं कि डर लगता है नौकरी न चली जाए, हम उनका दर्द समझते हैं।उन्होंने कहा कि हम देश को बताना चाहते हैं कि हम हिन्दुस्तान की आत्मा को बचाकर रखेंगे। हमने देश के लिए बलिदान दिया है, बीजेपी के कितने नेताओं ने बलिदान दिया?

गौरतलब है कि राहुल गांधी के छुट्टी से लौटने के बाद उनके आवास पर मंगलवार को एक अहम बैठक हुई, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह भी मौजूद थे। राहुल ने यह बैठक 4 फरवरी से पांच राज्यों में शुरू हो रहे चुनावों से पहले की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बुलाई थी।


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