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बेरोजगारी को लेकर मोदी सरकार पर प्रियंका गांधी का हमला

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एकबार फिर केंद्र सरकार हमला किया है। प्रियंका गांधी ने इस बार नौकरी और बेरोजगारी को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला किया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने घटती नौकरियों के एक आंकड़े के बहाने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। प्रियंका ने ट्वीट कर कहा है कि नौकरियां देने के तमाम बड़े वादों की हकीकत यही है

Priyanka Gandhi, PM Modi

रमन झा, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (27 जनवरी): कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) ने एकबार फिर केंद्र सरकार (Modi, Government) हमला किया है। प्रियंका गांधी ने इस बार नौकरी (Jobs) और बेरोजगारी (Unemployment) को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला किया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने घटती नौकरियों के एक आंकड़े के बहाने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। प्रियंका ने ट्वीट कर कहा है कि नौकरियां देने के तमाम बड़े वादों की हकीकत यही है। प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि देश के सात बड़े क्षेत्रों में करीब साढ़े तीन करोड़ लोग बेरोजगार हो गए हैं। बड़े-बड़े नामों और विज्ञापनों का नतीजा है 3 करोड़ 64 लाख बेरोजगार लोग। तभी तो सरकार नौकरी पर बात करने से कतराती है।

प्रियंका ने अपने ट्वीट में कहा है कि 'नौकरियां देने के तमाम बड़े वादों की हकीकत यही है। देश के सात बड़े क्षेत्रों में करीब साढ़े तीन करोड़ लोग बेरोजगार हो गए हैं। बड़े-बड़े नामों और विज्ञापनों का नतीजा है 3 करोड़ 64 लाख बेरोजगार लोग। तभी तो सरकार नौकरी पर बात करने से कतराती है।' प्रियंका ने जिस रिपोर्ट का हवाला दिया उसके मुताबिक देश में बीते पांच साल में 3.64 करोड़ नौकरियां सिर्फ सात प्रमुख क्षेत्रों में ही जा चुकी हैं। इनमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल हैं। सर्वाधिक 3.5 करोड़ नौकरियां वस्त्र उद्योग क्षेत्र की हैं।

प्रियंका गांधी के अलावा कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने भी बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला किया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश में बेरोजगारी की दर बढ़ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण की जगह शिक्षित बेरोजगार भारतीय नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर बनाना चाहिए। दिग्विजय सिंह ने जहां शिक्षित बेरोजगार भारतीय नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर को 'एकीकृत एजेंडा' करार दिया, वहीं एनआरसी को उन्होंने 'विभाजनकारी एजेंडा' करार दिया। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, 'मेरे पास हमारे प्रधानमंत्री के लिए एक बहुत ही सकारात्मक सुझाव है। एनआरसी के बजाय जिसने पूरे देश में सामाजिक अशांति पैदा की है, उन्हें 'शिक्षित बेरोजगार नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर' तैयार करना चाहिए। लेकिन वह ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि यह 'विभाजनकारी एजेंडा' नहीं है बल्कि 'एकीकृत एजेंडा' है।'

गौरतलब है कि बेरोजगारी, आर्थिक सुस्ती, नागरिकता संशोधन कानून, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर और एनआरसी को लेकर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार को घेर रही है।

(Image Source: Google)


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