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पठानकोट हमला: वायरल हुई ये कविता, पढ़कर छलक आएंगे आंसू

नई दिल्‍ली (5 जनवरी): पठानकोट एयरफोर्स बेस पर हुए आतंकी हमले में किसी ने अपना बेटा, किसी ने अपना भाई तो किसी ने अपना बेटा खो दिया। इस हमले में शहीद हुए जवानों को सभी अपने-अपने तरीके से श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

शहीद सैनिकों के लिए सोशल मीडिया पर एक कविता भी वायरल हो रही है, जिसमें जख्मी सैनिक अपने साथी सैनिक से कुछ इस तरह अपने शब्द बयां करता है।

युद्ध में जख्मी सैनिक साथी से कहता है:

‘साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना; यदि हाल मेरी माता पूछे तो, जलता दीप बुझा देना! इतने पर भी न समझे तो, दो आंसू तुम छलका देना!! यदि हाल मेरी बहना पूछे तो, सूनी कलाई दिखला देना! इतने पर भी न समझे तो, राखी तोड़ दिखा देना !! यदि हाल मेरी पत्नी पूछे तो, मस्तक तुम झुका लेना! इतने पर भी न समझे तो, मांग का सिन्दूर मिटा देना!! यदि हाल मेरे पापा पूछे तो, हाथों को सहला देना! इतने पर भी न समझे तो, लाठी तोड़ दिखा देना!! यदि हाल मेरा बेटा पूछे तो, सिर उसका सहला देना! इतने पर भी ना समझे तो, सीने से उसको लगा लेना!! यदि हाल मेरा भाई पूछे तो, खाली राह दिखा देना! इतने पर भी ना समझे तो, सैनिक धर्म बता देना!!


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