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PM मोदी ने डिजिटल असंतुलन को देश के विकास के लिए बताया बाधक

गांधीनगर (7 अक्टूबर): प्रधानमंत्री मोदी ने गांधीनगर में IIT के कैंपस के मौके पर कहा कि डिजिटल असंतुलन देश के विकास के लिए बाधक है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को इससे जोड़ना जरूरी है। डिजिटल शिक्षा में उम्र कोई बाधा नहीं है। आईआईटी के छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 300 साल में जितना टेक्नोलॉजी विकास नहीं हुआ, उतना 50 सालों में हुआ है। टेक्नोलॉजी आज जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। इसी को देखते हुए समाज के हर उम्र के लोगों को टेक्नोलॉजी से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वाधीनता के बाद साक्षरता पर जोर दिया था, अब लोगों को डिजिटली साक्षर बनाने की जरूरत है। हमारा लक्ष्य है कि परिवार के किसी एक सदस्य को डिजिटली साक्षर बनाया जा रहा है।

पीएम मोदी की बड़ी बातें...

- लोगों को डिजिटल साक्षरता से जागरुक करना जरूरी - आलोचना करने वाले आलोचना करते रहेंगे, हम दूरदर्शी काम करते रहेंगे - एक डिजिटल भारत पारदर्शिता, प्रभावी सेवा वितरण और गुड गवर्नेंस की गारंटी देगा - अगर यूजर फ्रेंडली तकनीक को पेश किया जाता है तो हम देश को डिजिटल साक्षरता के पथ पर ला सकते हैं - भारत के हर हिस्से, सभी आयु-वर्गों और समाज के सभी भागों में डिजिटल साक्षरता फैलाने के लिए कार्य प्रगति पर है - हिंदुस्तान का भाग्य बदलने के लिए नवीनता जरूरी - सौर ऊर्जा के जरिए कुकिंग को बढ़ावा मिलना चाहिए - गुजरात देश का दूसरा राज्य था, जिसने पुलिस यूनिवर्सिटी बनाई - शिक्षा क्षेत्र में गुजरात पूरे देश के लिए एक मिसाल की तरह है - दुनिया में कहीं भी फरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी नहीं है, जबकि गुजरात में ऐसी यूनिवर्सिटी है

 


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