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पेरेंट्स की आपत्ति के बाद इस स्कूल में 'नमस्ते' पर लगा बैन

नई दिल्ली (25 मार्च): अमेरिका के जॉर्जिया के स्कूल से एक ऐसा मामला सामने आया है। जहां स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता की तरफ से योगाभ्यास को लेकर कई शिकायतें मिली हैं। उनका कहना है कि स्कूल में योगाभ्यास 'गैर-ईसाई विश्वासों' का प्रसार कर रहा है। इन शिकायतों के चलते स्कूल ने 'नमस्ते' और ब्रह्मांड के धार्मिक प्रतीक 'मंडल' के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।

गौरतलब है, पश्चिमी देशों में पिछले सालों में योगाभ्यास की लोकप्रियता काफी बढ़ी है। कई समुदायों और समूहों के साथ कई शिक्षण संस्थाओं में भी इसका अभ्यास होने लगा है। मूल रूप से भारत में इसकी जड़े पाई जाती हैं। इस अभ्यास को स्कूलों में विद्यार्थियों के तनाव को दूर करने के लिए शुरू किया गया था।

'वाशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस स्कूल में इसको लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है, इसका नाम बुलार्ड एलीमेंट्री स्कूल है। जो कि जॉर्जिया के केन्नेसॉ में स्थित है। स्कूल के प्रिंसिपल मूरे ने पैरेंट्स को एक ई-मेल भी लिखा है। जिसमें योगाभ्यास से जुडे बदलावों के बारे में घोषणा की गई है। 

मूरे ने चिट्ठी में लिखा, "मुझे बेहद खेद है कि बुलार्ड में मानसिक और तनावमुक्त होने के अभ्यासों ने कई तरह की गलत धारणाएं पैदा कर दी हैं। जो कि स्कूल और कम्यूनिटी में भटकाव पैदा कर रही हैं। हम सालों से डी-स्ट्रैसिंग प्रैक्टिसेस करते आ रहे हैं। लेकिन माइंडफुलनेस से जुड़े कुछ अभ्यासों पर कुछ लोगों को आपत्ति है।"

इसके चलते जिन चीजों को प्रोग्राम से निकाला गया है, उनमें संस्कृत ग्रीटिंग 'नमस्ते' (हाथों को मिलाकर सीने के बीच में लगाते हुए) और कागज पर मंडल के प्रतीक बनाना, शामिल हैं।   


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