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'ISI ने कराया था अमेरिकी एजेंसी पर हमला'

नई दिल्ली(14 अप्रैल): पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने 2009 में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के कैंप पर हुए हमले की फंडिंग की थी। यह हमला सीआईए के अफगानिस्तान स्थित कैंप पर किया गया था। हमले में सात अमेरिकी एजेंट समेत 10 लोगों की मौत हुई थी। 

यह खुलासा हुआ है अमेरिकी नैशनल सिक्यॉरिटी आर्काइव के दस्तावेजों से, जिसके मुताबिक 30 दिसंबर 2009 को सीआईए के चैपमैन कैंप पर हुए हमले में आईएसआई ने करीब 2 लाख डॉलर की फंडिंग की थी। 

यह हमला जॉर्डन के एक डॉक्टर और डबल एजेंट खलिल अबु-मुलाल अल-बलावी ने किया था। सीआईए इस डबल एजेंट का इस्तेमाल पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन और जवाहिरी को खोजने के लिए कर रही थी। लेकिन आईएसआई के प्रॉक्सी आतंकी संगठन हक्कानी ग्रुप ने इसे अपनी ओर मिला लिया। 

अल-बलावी ने 30 दिसंबर 2009 को कैंप पर आत्मघाती हमला किया, जिसमें 10 लोगों की मौत हुई थी। इस हमले को 'जीरो डार्क थर्टी' मूवी में भी दिखाया गया है। ऐसा माना जाता रहा है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद ने कई अमेरिकी और भारतीय सैनिक और आम लोगों की जिंदगियां ली हैं, लेकिन इस खुलासे के बाद दोनों पक्षों में तनाव हो सकता है।


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