News

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स एक-दूसरे को 'HE' 'SHE' नहीं 'ZE' कहेंगे

नई दिल्ली(13 दिसंबर): अमेरिकी की मशहूर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भेदभाव खत्म करने के लिए अनूठी पहल की है। यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स से कहा है कि वे लड़के को ‘ही’ और लड़की को ‘शी’ कहकर नहीं बुलाएंगे। बल्कि वे एक- दूसरे को ‘ज़ी’ बोलेंगे।

- यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। ‘जी’ शब्द का यूज अक्सर ट्रांसजेंडर लोगों द्वारा किया जाता है।

- यूनिवर्सिटी का मानना है कि जी बोलने से ट्रांसजेंडर स्टूडेंट्स असहज महसूस नहीं करेंगे। साथ ही लैंगिक समानता भी आएगी।

- यूनिवर्सिटी यूनियन की ओर से स्टूडेंट्स के लिए जारी की गई बुक में जेंडर न्यूट्रल प्रोनाउन्स का जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि यह कदम ट्रांसजेंडर स्टूडेंट्स के खिलाफ हिंसा को कम करने के लिए उठाया गया है।

- ऑक्सफोर्ड बिहेवियर कोड के मुताबिक कोई भी व्यक्ति ट्रांसजेंडर स्टूडेंट्स के लिए गलत टिप्पणी नहीं कर सकता है।

- स्टूडेंट्स ने भी उम्मीद जताई है कि यह कोशिश आने वाले समय में यूनिवर्सिटी के लेक्चर्स और सेमिनार्स में भी देखने को मिलेगी।

- ट्रांसजेंडर स्टूडेंट फ्रैंकी सिजंस कहते हैं - "जेंडर न्यूट्रल प्रोनाउन्स बहुत ही अच्छा कदम है। यह तो लेक्चर्स में भी होना चाहिए।"

- एलजीबीटी अधिकारों को लेकर कैंपेन चलाने वाले पीटर टशेल का कहना है- "यह काफी पॉजीटिव चीज है। इससे लिंग भेद खत्म होगा। जेंडर न्यूट्रल प्रोनाउन्स उन लोगों के लिए काफी अच्छा है जो ऐसा चाहते हैं, लेकिन इसे अनिवार्य नहीं किया जाना चाहिए। यह ऐसा सब्जेक्ट है जिसे 

राजनीतिक तौर पर कोई सेंसर नहीं कर सकता है। जरूरत जेंडर आइडेंटिटी को लेकर सोच बदलने की है। लोगों की पहचान मेल और फीमेल नहीं होना चाहिए।’

- यूनिवर्सिटी के ऑक्सफोर्ड कॉलेज में इस गाइडलाइन को लागू भी कर दिया गया है। ऐसा करने वाला यह पहला इंस्टीटयूट है।

- सेंट कैथरीन कॉलेज को उम्मीद है कि पूरी यूनिवर्सिटी में इस तरह के प्रयास को अपनाया जाएगा। साथ ही मेल और फीमेल के लिए टॉयलेट के नए साइन भी बनाए जाएंगे।

- वहीं, कैंब्रिज विश्वविद्यालय ने भी इस तरह के कदम उठाने के संकेत दिए हैं। इससे पहले ब्रिटेन के कुछ स्कूलों ने भी ऐसी पहल की हैं।

- स्कूलों ने पैरेंट्स को लेटर लिखकर कहा कि वे लड़के और लड़कियों को एक जैसे यूनीफार्म में ही स्कूल भेजें। इसके अलावा कुछ कॉलेज मेल और फीमेल लिखने को भी मना कर चुके हैं।


Related Story

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top