News

अपनोें के साथ छोड़ने से बैकफुट पर ओली, साख बचाने को कमल थापा आये आगे

नई दिल्ली (11 मई):  भारत के साथ बेअदबी से पेश आने और बदनाम करने की कोशिश का खामियाजा़ नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भुगतना पड़ रहा है। घरेलू मोर्चे पर ओली चारों ओर से घिर चुके हैं। नवम्बर-दिसम्बर में लोकल बॉडीज़ और फेडरल रिप्रजेंटेटिव्स के चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना कर बैठे ओली को उन्हीं के सहयोगी दल यूसीपीएन-एम के नेता प्रचण्ड और प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कॉंग्रेस के मुखिया शेरबहादुर देऊबा ने ठेंगा दिखा दिया है।

दोनों ही दलों के नेताओं ने कहा कि संविधान संशोधन के लंबित मसलों को निपटाये बिना चुनाव संभव नहीं है। केपी शर्मा ओली की अपनी पार्टी में भी इस बात को लेकर काफी मतभेद हैं। कई बड़े नेता उनका साथ छोड़ कर प्रचण्ड के दल को ज्वाइन कर रहे हैं। इनमें से एक बड़ा नाम मोहन वैद्या का है। इधर मधेसियों ने भी चुनाव न कराने देने का अल्टीमेटम दे ही रखा है। अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने के बाद ओली ने अब उप प्रधानमंत्री कमल थापा को आगे किया है।

थापा के भारत के साथ संबंध अच्छे हैं और नेपाल के बाकी दलों के लोग भी उन्हें काफी सम्मान देते हैं। उन्होंने मधेसी मोर्चा की मांगों के निराकरण के लिए सरकार की ओर से कदम आगे भी बढ़ाया मगर मधेसियों वार्ता से ही इंकार कर दिया।

इन परिस्थितियों से उबरने के लिए ओली अपने विश्वस्तों से सलाह कर रहे हैं और भारत के साथ संबंध की पुनर्बहाली के रास्ते खोज रहे हैं। हालांकि भारत ने अभी तक नेपाल के किसी भी आंतरिक मसले में शामिल होने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी है। 


Related Story

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top