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खुली पाकिस्तान की पोल, NSG से हुआ आउट, भारत को मिल सकती है एंट्री

वॉशिंगटन (28 दिसंबर): परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह यानी NSG में भारत को जल्द एंट्री मिल सकती है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक NSG में नए देशों की सदस्‍यता को लेकर एक मसौदा तैयार किया गया है। इस मसौदे में जहां भारत को NSG में शामिल करने की बात कही गई है वहीं पाकिस्‍तान को इससे बाहर रखने की वकालत की गई है।

पाकिस्तानी अखबार'द डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका स्थित हथियारों के नियंत्रण संबंधी संगठन आर्म्‍स कंट्रोल असोसिएशन यानी ACA ने इस बात की जानकारी दी है। हालांकि, इसके साथ ही संगठन ने चेताया है कि नए देशों को NSG में शामिल करने के लिए नियमों में ढील देने से परमाणु अप्रसार को नुकसान पहुंचेगा।

पिछले ही हफ्ते, अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया था कि NSG के पूर्व चेयरमैन राफेल मैरियानो ने दो पन्‍नों का एक दस्‍तावेज तैयार किया है। इसमें यह स्‍पष्‍ट किया गया है कि किस तरह भारत और पाकिस्‍तान जैसे देश जिन्‍होंने परमाणु अप्रसार संधि यानी NPT पर दस्तखत नहीं किया है, वे NSG में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि मिस्‍टर राफेल, एनएसजी के वर्तमान चेयरमैन सॉन्‍ग यंग वान की तरफ से काम कर रहे हैं और उनके इस दस्‍तावेज को कमोबेश आधिकारिक दर्जा हासिल है।

NPT में पाकिस्‍तान के शामिल होने के मामले में भारत उसका रास्‍ता नहीं रोके, इस खातिर मिस्‍टर राफेल ने एक प्रस्‍ताव दिया था। इसमें कहा गया था कि एक गैर एनपीटी मेंबर देश को इस बात पर सहमत होना चाहिए कि वह ऐसे किसी दूसरे गैर एनपीटी मेंबर देश के रास्‍ते में रुकावट नहीं बनेगा।

आर्म्‍स कंट्रोल असोसिएशन के एग्जिक्‍यूटिव डायरेक्‍टर डैरिल किम्‍बॉल ने चेताया कि मिस्‍टर राफेल ने जो फॉर्म्‍युला सुझाया है, उससे पाकिस्‍तान को अलग रखने के कई कारण मौजूद हैं। उन्‍होंने कहा कि इन दस्‍तावेजों के मुताबिक, सदस्‍यता के लिए भारत की तरह पाकिस्‍तान को भी उन कसौटियों को पूरा करना होगा लेकिन एनएसजी सदस्‍य देशों के साथ सिविल न्‍यूक्लिअर ट्रेड की खातिर उसे अलग से एनएसजी की छूट हासिल करनी होगी। यह छूट व्‍यापक स्‍तर पर सुरक्षात्‍मक जरूरतों पर आधारित होगी।

एनएसजी में शामिल होने के लिए किसी देश को एनपीटी पर साइन करना होता है। भारत और पाकिस्‍तान के अलावा इजरायल ने अभी तक एनपीटी पर साइन नहीं किया है। इसी को लेकर कई देश एनएसजी में भारत की एंट्री का विरोध कर रहे हैं जिनमें चीन प्रमुख है। हालांकि, मिस्‍टर किम्‍बॉल ने कहा कि राफेल ने जो फॉर्म्‍युला सुझाया है, उसके आधार पर भारत यह दावा कर सकता है कि उसने सदस्‍यता की खातिर जरूरी सभी कदम उठा लिए हैं। इस वजह से भारत को एनएसजी में एंट्री मिल सकती है और पाकिस्‍तान इससे बाहर हो सकता है।


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