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नवरात्रों में मोदी और योगी की साधना, 9 दिन तक ऐसे करते हैं मां दुर्गा की आराधना

नई दिल्ली (27 मार्च): कल से देशभर में चैत्र नवरात्र की शुरुआत होने जा रही है। साल में चार बार मां दुर्गा के नवरात्रि आते हैं लेकिन शारदीय नवरात्र और चैत्र नवरात्र का कुछ खास ही महत्व है। मान्यता के मुताबिक मां दुर्गा की अराधना और आशीर्वाद प्राप्त करने का यह सबसे शुभ समय होता है। इस दौरान मां दुर्गा की नौ रूपों की पूजा-अर्चना होती। इस मौके पर मां दुर्गा के भक्त व्रत और उपवास भी रखते हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दोनों नवरात्रों के व्रत रखते हैं। यानि कि मोदी साल के इन 18 दिनों में अनाज त्याग देते हैं। हाल ही में यूपी के नए सीएम योगी आदित्यनाथ भी नवरात्र पर व्रत रखते हैं।

नरेंद्र मोदी के बारे में कहा जाता है कि वह जब भी सोएं लेकिन सुबह 4 बजे उठ जाते हैं। मोदी पिछले 40 साल से नवरात्र में व्रत रखते आ रहे हैं। मोदी इन 9 दिनों के दौरान अन्न त्याग देते हैं। वो फल खाते हैं और नींबू पीते हैं। उपवास के दौरान मोदी नींबू पानी या सादा पानी ज्यादा पीते  हैं। मोदी 9 दिनों तक दुर्गा सप्तशती का पाठ जरूर करते हैं। मोदी व्रत के दौरान भी एनर्जी से भरपूर नजर आते हैं। इसका उदाहरण चुनावों के दौरान भी मोदी ने लगातार कई रैलियां की थीं। मोदी नवरात्रों में भी किसी काम को टालते नहीं हैं। नवरात्र में मोदी सुबह 5 बजे की बजाए 4 बजे ही उठ जाते हैं और योग करते हैं। उसके बाद मां की पूजा करते हैं और फिर हर दिन की तरह ही अपने काम में जुट जाते हैं। पीएम मोदी सितंबर 2014 में जब अपने पहले अमेरिकी दौरे पर गए तो उस दौरान भी वो नवरात्र के उपवास पर थे। उसी दौरान 29 सितंबर को पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबाम ने उनके सम्मान में व्‍हाइट हाउस में डिनर आयोजित किया। लेकिन पीएम ने तब सिर्फ नींबू पानी पिया था और कुछ फल खाए थे। नौ दिनों तक व्रत रखने वाले मोदी की एनर्जी में कोई कमी नहीं थी और ये देखकर ओबामा भी हैरान हुए थे।

वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी नवरात्र के दौरान 9 दिनों तक अन्न त्यागकर देवी की कठिन उपासना करते हैं। नवरात्रि शुरु होते ही आदित्यनाथ अन्न का त्याग कर देते हैं। वो सिर्फ फलाहार करते हैं और सादा पानी पीते हैं। दिन में कई वे मां दुर्गा का सप्तसती पाठ करते हैं। इस दौरान उनके साथ 21 ब्राह्मण भी लगातार मंत्रोचार करते हैं। आदित्यनाथ एकांतवास में चले जाते हैं और अगले 8 दिनों तक वो अपने कमरे से बाहर तक नहीं निकलते हैं। अष्टमी के दिन वो अपने कमरे से बाहर निकलते हैं। उनके सिर पर उस वक्त एक खास टोपी होती है जैसी की उनके गुरु पहना करते थे। योगी के साथ भाला लेकर साधु चलते हैं। अष्टमी के दिन वो 9 कन्याओं के पैर खुद अपने हाथों से धोते हैं। उन्हें भोजन कराते हैं और फिर सभी को दक्षिणा देते हैं। कन्याओं को भोजन कराने के बाद योगी हवन करते हैं और फिर गोरखनाथ मंदिर में दर्शन के लिए जाते हैं। वो गौशाला भी जाते हैं और गायों की सेवा भी करते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ पीठ में साल 1993 में आए थे। वह तब से नियमित रूप से व्रत रख रहे हैं।


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