News

हमें विचार करना चाहिए कि कहीं परंपराओं को खो तो नहीं रहे- 'वैचारिक कुंभ' में PM मोदी

उज्जैन (14 मई): उज्जैन में चल रहे 'विचार महाकुंभ' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने सिंहस्थ घोषणा पत्र जारी किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हम हट के नहीं, दर्शन के बंधे हुए लोग हैं। कर्म ही हमारा योग है। बता दें कि कार्यक्रम में श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला समेत कई देशों के नेता भी मौजूद थे।

मोदी ने अपने संबोधन में कहा... > भारत की संस्कृति हजारों साल पुरानी है। पुरानी संस्कृती के कई पहलू हैं। कुंभ मेला पुरानी परंपराओं में से एक है। > पहले कुंभ में समाज को लेकर चिंतन होता था। अद्भुत समाजिक रचना है कुंभ मेला। कुंभ के मेले में बदलाव की कोशिश होगी। > उन्होंने कहा कि हमें इस पर विचार करना चाहिए कि कहीं हम परंपराओं को खो तो नहीं रहे। > हम हट के नहीं, दर्शन के बंधे हुए लोग हैं। कर्म ही हमारा योग है। > आज विश्व दो संकटों से गुजर रहा है। आतंकवाद, ग्लोबल वॉर्मिंग विश्व के लिए संकट। > पर्यावरण सम्मेलन में भारत ने अहम भूमिका निभाई।

पीएम से पहले यहां पहुंचे मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि यहां आए विद्वानों ने 51 रत्न निकाले हैं। ये विश्व को नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि 'विचार महाकुंभ' के एजेंडे को यूएन (संयुक्त राष्ट्र) समेत पूरी दुनिया तक पहुंचाया जाएगा। इसके पीछे का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में अशांति फैली है और यह कुंभ शान्ति की तलाश का प्रयास है।


Related Story

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top