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यहां पूजा के लिए पुरुषों को बनना पड़ता है महिला!

नई दिल्ली (21 मई): धार्मिक स्थानों पर महिलाओं की पाबंदी की खबरें तो हम अक्सर सुनते रहते हैं, लेकिन कुछ मंदिर ऐसे भी हैं जहां पुरुषों के प्रवेश पर पाबंदी लगी है। ऐसा ही एक मंदिर है जहां पुरुषों को महिलाओं का रूप धारण करने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाती है।

महिलाओं के केवल कपड़े पहनने मात्र से ही नहीं, बल्कि पुरुषों को पूरे सोहल श्रृंगार करने के बाद ही मंदिर में अनुमति मिलती है। केरल में कोल्लम जिले के कोट्टनकुलंगरा श्रीदेवी मंदिर में देवी मां की पूजा की ऐसी ही परंपरा वर्षों से चली आ रही है। यहां हर साल होने वाले उत्सव आयोजन में पुरुषों को महिलाओं की तरह सोलह श्रृंगार करने के बाद ही मंदिर में पूजा की अनुमति मिलती है।

कोट्टनकुलंगरा श्रीदेवी मंदिर में हर साल 23 और 24 मार्च को चाम्याविलक्कू उत्सव मनाया जाता है। इस अनूठे उत्सव में पुरुष भी महिलाओं की तरह साड़ी पहन सोलह श्रृंगार करने के बाद माता की आराधना करते हैं। मान्यतानुसार इस मंदिर में देवी मां की मूर्ति खुद प्रकट हुई है। सबसे खास बात यह है कि यह इस राज्य का ऐसा एकमात्र मंदिर है जिसके गर्भगृह के ऊपर छत या कलश नहीं है।

बताया जाता है कि सालों पहले इस जगह पर कुछ चरवाहों ने महिलाओं की तरह कपड़े पहनकर पत्थर पर फूल चढ़ाए थे। इसके बाद पत्थर से दिव्य शक्ति निकलने लगी। एक और मान्यता के अनुसार कुछ लोग इस पत्थर पर नारियल फोड़ रहे थे, इसी दौरान पत्थर से खून बहने लगा। बाद में लोग यहां पूजा करने लगे। देश-विदेश से लोग इस मंदिर में दर्शनों के लिए आते रहे हैं।


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