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बॉलीवुड की उस एक्ट्रेस को पिता ने अनाथालय में छोड़ दिया था

मुंबई (29 जुलाई): परदे पर ट्रैजिक किरदार निभाने वाली मीना की कहानी असल में भी दर्दनाक थी। इस हीरोइन की जिंदगी की दास्तान  रहस्यभरी है। मीना कुमारी हमेशा शराब और तन्हाई में डूबी रही। दर्द तो मीना कुमारी का जन्मजात साथी था। मीना जब पैदा हुई थी तो इनके पिता के पास हॉस्पीटल की बिल भरने को पैसे नहीं थे और नन्ही सी मीना को अनाथालय में छोड़ दिया गया था। परिवार वालों के समझाने पर मीना के पिता उन्हें वापस घर लेआए। मीना के  पिता ने परिवार पर ध्यान नहीं दिया और 4 साल की उम्र में ही मीना को कैमरे के सामने खड़ा होना पड़ गया। मीना पढ़ना चाहती थी लेकिन मीना की एक भी नहीं सुनी गई। लाइट्स कैमरा और साउंड के बीच बेबी मीना बड़ी होती गई और फिर हीरोइन बन गई। 

एक हीरोइन के तौर पर मीना कुमारी ने जितनी सक्सेस पाईनिजी लाइफ मेंउतनी ही असफल रहीं। मीना कुमार को रिश्तों में हमेशा दर्द ही मिले और उनका ये दर्द फिल्मी परदे भी नजर आया। मीना कुमारीसे प्यार करने वालों की कमी नहीं थी लेकिन किसी नेभी प्यार को निभाया नहीं। फिल्म बैजू बावरा के सेट पर भारत भूषण को मीना से प्यार हो गया था लेकिन ये अफेयर फिल्म की शूटिंग खत्म होते ही खत्म हो गया। 1954 में एक फिल्म के सेट पर मीना कमाल अमरोही को दिल दे बैठी। कमाल शादीशुदा थे। लेकिन फिर भी दोनो ने निकाह किया। मीना और कमाल अमरोही की शादी शुदा जिंदगी सफल नहीं रही। मीना ने कमाल पर आरोप लगाया कि वो उनसे नहीं बल्कि उनकी दौलत और शोहरत से प्यार करते है। एक कॉन्ट्रैक्ट केतहत मीना की कमाई का पूरा अधिकार केवल कमाल अमरोह की कम्पनी के पास था। एक बार कमाल से झगड़े के बाद मीना ने कमाल से तलाक लिया तो कमाल ने उन्हें हासिल करने के लिए शरीयत का सहारा लिया। कमाल अमरोही की वजह से मीना को हलाला जैसी अग्नि परीक्षा देनी पड़ी। कमाल ने अपने सैक्रेटरी बाकर अली से पहले मीना की शादी कराई, तलाक दिलाया और फिर खुद मीना से दोबारा निकाह पढ़वाया। लेकिन इसी दौरान मीना शराब की आदी हो गई और अब उनके दिल मेंकमाल अमरोही की जगह धर्मेन्द्र ले चुके थे। धरमेन्द्र और मीना कुमारी कीजोड़ी फिल्मी परदे परही नहीं रीयल लाइफ में भीबनने लगी। लेकिन धर्मेन्द्र भी शादी शुदा थे और ज्यादा दिनों तक मीना का साथ निभा नहीं सके।

 धर्मेंद्र के बाद गुलजारके साथ भीमीना के रिश्ते बने लेकिन यहा भीप्यार प्यार ना रहा और मीना शराब में डूबती चली गई। मीना उस दौर में अकेली ऐसी हीरोइन थी जो कि पार्टियों में मर्दो के साथखुलेआम शराब पीती थी। ट्रेडजी क्वीन मीना कुमारी की मौतकम दर्दनाक नहीं थी। शराब और अकेलेपन ने मीनाकुमारीको तोड़ कर रख दिया। जरूरत से ज्यादा शराब ने मीना कुमारी का लीवर खराब कर दिया और वो 31 मार्च 1972 को चल बसी। अंतिम दिनों में मीनाइस कदर आर्थिक तंगी से गुजर रही थी किउनके पास हॉस्पीटल का बिल भरने को भी पैसे नहीं थे। उनकी मौत के बाद हॉस्टीपल केएक डॉक्टर ने बिल भरा। 

 


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