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महाराष्ट्र में किसानों की कर्ज माफ़ी का कोई प्रस्ताव नहीं, RTI से हुआ चौंकाने वाला खुलासा

इंद्रजीत सिंह, मुंबई(25 अप्रैल): क्या महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी को लेकर सरकार गंभीर नहीं है, सवाल इसलिए है क्योंकि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर महाराष्ट्र में किसानों की कर्ज माफ़ी की मांग के जोर पकड़ते ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्र सरकार से मदद मांगने की बात कही थी,  लेकिन असल में महाराष्ट्र के किसानों की कर्ज माफी का प्रस्ताव वर्तमान में विचारधीन भी नहीं है। इस बात का खुलासा सहकार , पणन और वस्त्रोद्योग विभाग में आरटीआई के तहत पूछे गए एक सवाल से हुआ है, क्योंकि कर्जमाफी का आंकलन और प्रस्ताव सहकार मंत्रालय से ही जाता है।

- महाराष्ट्र बुलढाणा जिले के सावला गांव के किसान पत्र लिखकर अपने गांव को उत्तर प्रदेश में शामिल करने की मांग कर चुके हैं, किसानों की कर्जमाफी को लेकर विपक्ष सड़क से विधान सभा तक हंगामा कर चूका है। सरकार कहती है की हम रास्ता तलाश रहे हैं की कैसे किसानों को राहत दी जा सकती है, इसके लिए केंद्र से राहत पैकेज की मांग की गई लेकिन को ऑपरेटिव मिनिस्ट्री ने आरटीआई के तहत जवाब दिया है वो चौंकाने वाला है। इस जवाब के मुताबिक इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है।

-आरटीआई के तहत सहकार पणन और वस्त्रोद्योग विभाग से जानकारी मांगी गई थी कि महाराष्ट्र राज्य में किसानों की कर्ज माफ़ी को लेकर सरकार का प्रस्ताव क्या है जिसके जवाब में मंत्रालय ने कहा की महाराष्ट्र राज्य के किसानों की कर्ज माफ़ी का प्रस्ताव वर्तमान में विचारधीन नहीं हैं। इसके अलावा कर्ज माफ़ी के लिए सरकार को आने वाली अर्जियां आवश्यक कार्यवाही कर संबंधित अधिकारीयों को जबाब देने के लिए भेजी जाती हैं। दरअसल किसी भी राज्य में कर्ज का आंकलन को ऑपरेटिव मंत्रालय करता है और वहीँ से कैबिनेट को प्रस्ताव जाता है की कितना कर्ज माफ़ होना है।

- महाराष्ट्र में 5 एकड़ खेती वाले किसानों की संख्या एक करोड़ 7 लाख और 2.5 एकड़ की खेती का स्वामित्व रखनेवाले 67 लाख किसान हैं। राज्य में कर्ज माफ़ी करने के लिए 30,500 करोड़ की जरुरत है।


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