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85 लाख के अवैध हाईटेक ड्रोन ने उड़ाई कस्टम विभाग और मुंबई पुलिस की नींद

देश की आर्थिक राजधानी और फिल्म इंडस्ट्री का हब माने जाने वाली मुंबई हमेशा ही आतंकियों के निशाने पर रहती है। आतंकी हमलों की आशंका को देखते हुए समय-समय पर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अलर्ट भी जारी किया जाता है।

Mumbai Police, मुंबई पुलिस

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दीपक दुबे, न्यूज 24 ब्यूरो, मुंबई (28 जनवरी): देश की आर्थिक राजधानी (Economic Capital) और फिल्म इंडस्ट्री (Film Industry) का हब माने  जाने वाली मुंबई हमेशा ही आतंकियों (Terrorist) के निशाने पर रहती है। आतंकी हमलों (Terrorist Attack) की आशंका को देखते हुए समय-समय पर सुरक्षा एजेंसियों (Defence security) द्वारा अलर्ट Alert भी जारी किया जाता है। हालही में मुंबई पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखकर गाइडलाइन जारी करी थी, जिसमें  एंटी सोशल एलिमेंट्स या आतंकी मुंबई के रिहायशी इलाकों में छुपे हो सकते हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। ऐसे में मुम्बई में ड्रोन उड़ानों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गयी थी। इसी बीच मुम्बई कस्टम विभाग ने ड्रोन का जखीरा पकड़ा है जो अवैध रूप से बेचा जा रहा था 85 लाख के हाईटेक ड्रोन पकड़े गए है। कस्टम विभाग की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है इस प्रकार के अवैध ड्रोन मुम्बई के लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं थे। 

कस्टम विभाग की छापेमारी में पकड़े गए यह वो हाईटेक ड्रोन जो सरकारी कागजों पर हैं ही नहीं, जिन्हें विदेशों से तस्करी कर कैश देकर मुंबई लाया गया था अलग-अलग लोगों व कंपनियों को बेचने के लिए। जिन लोगों ने इन अवैध ड्रोन मंगवाए उनके पास न तो ड्रोन से जुड़ा हुआ जरूरी लाइसेंस है और ना ही ड्रोन को इंपोर्ट करने के लिए जरूरी इंपोर्ट परमिशन। मुंबई कस्टम्स के साथ अब पुलिस यह जानने में जुटी हैं कि आखिर चोरी-छिपे मंगवाई गई ड्रोन की इतनी बड़ी खेप का आखिर भारत में कहां-कहां सप्लाई किया जाना था। ये ड्रोन किस माफिया से खरीदने वाले लोग कौन हैं, और उनका आखिर मक़सद क्या था। 

मुंबई कस्टम विभाग की प्रिवेंशन टीम ने मुम्बई और जयपुर में एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 85 लाख रुपये के हाई क्वालिटी के संदिग्ध ड्रोन बरामद किया है। बरामद किए गए ड्रोन्स की तस्करी विदेशों से अवैध तरीके से चोरी छिपे की जा रही थी। विभाग को इस बात का अंदेशा है कि इन ड्रोन का इस्तेमाल गलत गतिविधियों में किया जाना था। एक बड़ी छापेमारी में अवैध तरीके से तस्करी किए जा रहे 37 ड्रोन की बरामदगी से खलबली मच गई है। 

छापेमारी के बाद कस्टम विभाग की जांच में चौकाने वाला खुलासा सामने आया है। आला अधिकारियों के मुताबिक विदेशों से ड्रोन मंगाने के लिए बाकायदा डीजीसीए और डीजीएफटी की अनुमति लेनी होती हैं, जो कि इन कंपनियों के पास नहीं थी। इससे साफ है कि इन ड्रोन्स का इस्तेमाल किसी गलत हरकत के लिए किया जाना था। जांच भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है और कस्टम के अधिकारी इस संभावना से इनकार भी नही कर रहे हैं।

मुम्बई पुलिस ने गणतंत्र दिवस से ठीक पहले आतंकी हमले के खतरे का अलर्ट जारी करते हुए 22 फरवरी तक किसी भी प्रकार का ड्रोन्स उड़ाने पर पाबंदी लगा दी थी, लेकिन इस पाबंदी से ठीक बाद इतनी बड़ी मात्रा में अवैध ड्रोन्स की बरामदगी से वह भी सतर्क हो गई है। मुंबई पुलिस इस मामले में जल्द ही कस्टम विभाग से संपर्क कर जांच करेगी कि इस अवैध खरीद फरोख्त का मकसद क्या था।


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