News

MP में सरकार बनाने की जुगाड़ में लगी बीजेपी-कांग्रेस, अब कर रहीं हैं ये काम

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के रुझान पल-पल बदल रहे हैं। शाम सात बजे जब काउंटिंग के 11 घंटे बीते तो चुनाव आयोग ने बताया कि अभी 102 सीटों की काउंटिंग पूरी हुई है। मध्य प्रदेश के चुनावी इतिहास में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। इतनी कांटे की टक्कर पहले कभी नहीं देखी गई। सुबह आठ बजे से शुरू हुई वोटों की गिनती ने देर शाम तक लोगों की सांसें अटकाए रखीं। जीत का दावा तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही कर रही थीं। लेकिन यह भी साफ था कि आखिरी नतीजा चाहे जो हो लेकिन न कांग्रेस जीत रही है और न बीजेपी हार रही है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (11 दिसंबर): मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के रुझान पल-पल बदल रहे हैं। शाम सात बजे जब काउंटिंग के 11 घंटे बीते तो चुनाव आयोग ने बताया कि अभी 102 सीटों की काउंटिंग पूरी हुई है। मध्य प्रदेश के चुनावी इतिहास में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। इतनी कांटे की टक्कर पहले कभी नहीं देखी गई। सुबह आठ बजे से शुरू हुई वोटों की गिनती ने देर शाम तक लोगों की सांसें अटकाए रखीं। जीत का दावा तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही कर रही थीं। लेकिन यह भी साफ था कि आखिरी नतीजा चाहे जो हो लेकिन न कांग्रेस जीत रही है और न बीजेपी हार रही है। 

ताजा स्थिति में मध्य प्रदेश में इस वक्त बीजेपी 109 सीट पर और कांग्रेस 114 सीट पर आगे है और अन्य 7 सीटों पर आगे चल रहे हैं, मध्य प्रदेश में बहुमत की सरकार के लिए 116 का नंबर चाहिए, वहीं नतीजों के आने से पहले बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां सरकार बनाने के जुगाड़ में लग गईं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश में बीजेपी से कांटे की टक्कर के बीच कांग्रेस ने छोटी पार्टियों और निर्दलीय विजेता उम्मीदवारों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है ताकि स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा पाया जा सके।

इसी बीच कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को एक जिम्मेदारी सौंप दी है। दिग्विजय सिंह को कांग्रेस के पक्ष में बहुमत जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। दरअसल, दिग्विजय सिंह दिल्ली जाने वाले थे लेकिन उन्होंने अपना दिल्ली दौरा निरस्त कर दिया है। वे बुधवार को भोपाल में ही रहेंगे और कांग्रेस की विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक दिग्विजय को मंगलवार को दिल्ली जाना था।

बता दें कि बुधवार को कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ भी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने को लेकर चर्चा होगी, हालांकि अभी तक कांग्रेस बढ़त जरूर बना रखी है लेकिन नतीजे साफ़ नहीं हुए हैं।मतगणना के पहले चरण में जहां कांग्रेस ने बढ़त बनाई थी फिर उसके बाद बीजेपी ने बराबरी का मुकाबला कर बढ़त बनाई। इसके बाद कांग्रेस ने फिर बढ़त बनाकर मुकाबले को रोमांचक कर दिया। अभी मुकाबला कांटे का चल रहा है। बसपा और निर्दलीय किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं, जहां बसपा ने अभी पूरी तरह पत्ते नहीं खोले हैं। कांग्रेस ने बसपा से संपर्क करना शुरू कर दिया है जबकि निर्दलीय जीतकर आने वाले विधायकों पर कांग्रेस और बीजेपी ने डोरे डालने शुरू कर दिया है। 

इस बीच मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह से मुलाकात की है। उन्‍होंने बीजेपी के राष्‍ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल से भी फोन पर बात की है। वहीं इसके साथ ही एक बड़ी खबर यह भी आ रही है कि 16 दिसंबर को सिलीगुड़ी में पीएम मोदी की प्रस्‍तावित रैली टल गई है। उधर मायावती ने मध्‍य प्रदेश में जीते अपने विधायकों को दिल्‍ली बुलाया है।

मध्य प्रदेश की जनता ने इस बार इतने महीन तरीके से वोटिंग की कि सभी राजनीतिक पंडित गलत साबित हो गए। सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक एक भी दल यह दावा करने की स्थिति में नहीं था कि वह जीत रहा है। हालांकि कह सभी रहे थे। लेकिन अंदर से सभी के दिल धड़क-धड़क कर रुक रहे थे। शिवराज सिंह जहां घर में बैठकर हर जिले की खबर ले रहे थे तो कमलनाथ प्रदेश कांग्रेस के दफ्तर में अपने साथियों के साथ जमे थे। हालत यह थी कि कभी बीजेपी आगे तो कभी कांग्रेस आगे।  


Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top