News

दुनिया को धमकाने वाला चीन, डरता था इस शख्स से

नई दिल्ली (14 जुलाई): आज भारत और चीन के रिश्तों में तनातनी है। हालांकि यह भी सच है कि चीन ने अपने आप को इतना मजबूत कर लिया है कि भारत उससे युद्ध की स्थिति में नहीं है। लेकिन चीन के एक नागरिक से वहां की सरकार इतनी डरती थी कि उसने उसे कई बार जेल में ठूसा था।

नोबेल पुरस्कार विजेता रहे लियू शाओबो का गुरुवार को निधन हो गया। लियू कुछ लोगों के लिए हीरो थे तो चीन की सरकार के लिए खलनायक। पेशे से लेखक, प्रफेसर, मानवाधिकार ऐक्टिविस्ट लोगों की नजरों में साल 1989 में आए थे।

- साल 1989 में ही टियाननमन स्क्वॉयर पर हुए खूनी नरसंहार के दौरान अमेरिका में पढ़ाई कर रहे लियू प्रदर्शन में हिस्सा लेने वापस चीन आ गए थे।

- ऐसा कहा जाता है कि लियू ने उस नरसंहार में सैकड़ों लोगों की जान बचाई थी। जिसके बाद वे लोकतंत्र समर्थकों के लिए हीरो बन गए थे।

- उस समय लोकतंत्र की मांग को लेकर कम्युनिस्ट पार्टी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को चीनी सेना ने खदेड़ा था, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे।

- उनकी लोकतंत्र स्थापित करने की मांग को लेकर ही उन्हें चीन प्रशासन ने कई बार सालों तक जेल में ठूसा। - टियाननमन नरसंहार के वक्त उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था और साल 1991 में वे रिहा हुए।

- रिहा होते ही लियू ने अपने ही साथ जेल गए अन्य लोगों की रिहाई के लिए अभियान चलाना शुरू कर दिया।

- लियू को फिर गिरफ्तार करके 3 साल तक लेबक कैंप में भेज दिया गया।

- जेल में रहने के दौरान ही 1996 में उन्होंने आर्टिस्ट लियू शिया से शादी की और साल 1999 में रिहा हुए।

- गुरुवार को उनके शरीर के कई अंगों के एक साथ काम करना बंद कर देने की वजह से लियू की मौत हो गई।


Related Story

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top