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सुप्रीम कोर्ट के फैसले से गदगद येदियुरप्पा, कहा- कुमारस्वामी ने विश्वास मत खोया

कर्नाटक में पिछले कई दिनों से जारी राजनीतिक घमासान अपने चरम पर पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया और बागी विधायकों के इस्तीफे पर निर्णय लेने के लिए विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार को खुली छूट दे दी

yeddyurappa

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 जुलाई): कर्नाटक में पिछले कई दिनों से जारी राजनीतिक घमासान अपने चरम पर पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया और बागी विधायकों के इस्तीफे पर निर्णय लेने के लिए विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार को खुली छूट दे दी है। हालांकि कोर्ट ने अपने इस फैसले में यह भी कह दिया कि फ्लोर टेस्ट में शामिल होने के लिए इस्तीफा दे चुके विधायकों को बाध्य नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की कुमारस्वामी की सरकार पर संकट के बाद मंडरा रहे हैं। वहीं कोर्ट के इस फैसले से बीजेपी गदगद नजर आ रही है। बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि कर्नाटक सीएम ने अपना जनादेश खो दिया है, जब कोई बहुमत नहीं है तो उन्हें कल इस्तीफा देना चाहिए। मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं, यह संविधान और लोकतंत्र की जीत है, बागी विधायकों के लिए एक नैतिक जीत है। यह केवल एक अंतरिम आदेश है, सुप्रीम कोर्ट भविष्य में स्पीकर की शक्तियां तय करेगा।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से 14 महीने पहले बनी कुमारस्वामी सरकार को तगड़ा झटका लगा है। ऐसे में 18 जुलाई को कर्नाटक की विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान कुमारस्वामी की सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। 

दरअसल सत्तारूढ़ गठबंधन को विधानसभा में 117 विधायकों का समर्थन है। इसमें कांग्रेस के 78, जेडीएस के 37, बीएसपी के 1 और एक मनोनीत विधायक शामिल हैं। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष का भी एक मत होता है। दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन से 225 सदस्यों वाली विधानसभा में विपक्षी बीजेपी को 107 विधायकों का समर्थन हासिल हैं। अगर 16 बागी विधायकों का इस्तीफा स्वीकार हो जाता है तो सत्तारूढ़ दल अल्पमत में आ जाएगा।  

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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा के स्पीकर से कहा कि वह पहले बागी विधायकों के इस्तीफों पर फैसला लें। कोर्ट ने कहा कि स्पीकर अपनी मर्जी के मुताबिक जो भी फैसला करना चाहते हैं, वह करें। इसके लिए समयसीमा की बाध्यता नहीं है। कोर्ट के इस आदेश से कर्नाटक विधानसभा में कल होने वाली सीएम कुमारस्वामी सरकार के शक्ति परीक्षण पर सस्पेंस गहरा गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की एचडी कुमारस्वामी सरकार बच पाएगी या नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने गेंद स्पीकर के पाले में डाल दी है, ऐसे में ना तो विधायकों के इस्तीफे पर फैसला हो पाया और ना ही अयोग्यता पर। ऐसे में ये खेल पूरी तरह से फ्लोर टेस्ट पर निर्भर हो गया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि स्पीकर को खुली छूट है कि वह नियमों के हिसाब से फैसला करें। फिर चाहे वो इस्तीफे पर हो या फिर अयोग्यता पर हो। इस लिहाज से गुरुवार को होने वाला फ्लोर टेस्ट होकर रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि बागी विधायकों पर विधानसभा में जाने को लेकर कोई दबाव नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा के स्पीकर से कहा कि वह पहले बागी विधायकों के इस्तीफों पर फैसला लें। कोर्ट ने कहा कि स्पीकर अपनी मर्जी के मुताबिक जो भी फैसला करना चाहते हैं, वह करें। इसके लिए समयसीमा की बाध्यता नहीं है।


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