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कर्नाटक: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- शाम 6 बजे तक स्पीकर से सामने पेश हों बागी विधायक

कर्नाटक में जारी सियासी घमासान फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। ये पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है। कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों के इस्तीफे वाले मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा

KARNATAKप्रभाकर मिश्रा, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (11 जुलाई): कर्नाटक में जारी सियासी घमासान फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। ये पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है।  कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों के इस्तीफे वाले मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी विधायक शाम 6 बजे तक स्पीकर के सामने पेश हों और जो इस्तीफा देने चाहते हैं वो इस्तीफा दें। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा स्पीकर को इस पर आज ही फैसला लेने को कहा। कोर्ट ने कर्नाटक के डीजीपी को सभी बागी विधायकों को सुरक्षा देने का भी आदेश दिया। मामले की सुनवाई को कल तक के लिए स्थगित किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने जेडीएस और कांग्रेस के 10 बागी विधायकों से आज शाम 6 बजे कर्नाटक के असेंबली स्पीकर से मिलने को कहा है। SC ने कहा कि अगर वे चाहें तो अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इतना ही नहीं, कोर्ट ने कहा कि कर्नाटक के स्पीकर को आज बचे हुए दिन में ही फैसला लेना होगा। टॉप अदालत ने कर्नाटक के DGP को आदेश दिया है कि वह सभी बागी विधायकों को सुरक्षा मुहैया कराएं। मामले की अगली सुनवाई कल यानी 12 जुलाई को होगी।

इन सबके बीच मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी 16 विधायकों के कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद गुरुवार को कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। वहीं कल यानी 12 जुलाई को कर्नाटक विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है। वहीं कर्नाटक विधान सभा के आसपास धारा 144 लगाने का आदेश दिया है। धारा 144 लागू होने से विधान सभा के आसपास दो किलोमीटर तक के दायरे में पांच से अधिक लोग इकट्ठे नहीं हो सकते और ना ही किसी प्रकार का कोई प्रदर्शन यहां किया जा सकता है। पुलिस आयुक्त ने खुफिया जनकारी के आधार पर बुधवार की रात यह आदेश जारी किया।   वहीं कांग्रेस के दो विधायकों आवास मंत्री एम टी बी नागराज और के. सुधाकर के बुधवार को इस्तीफा देने के बाद अब कुल 16 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के. आर. रमेश कुमार को अपना इस्तीफा सौंपा दिया है। हालांकि रमेश कुमार ने इस्तीफों को स्वीकार नहीं किया है और उनका कहना है कि वह पहले विधायकों से बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 16 में से केवल पांच विधायकों के ही इस्तीफे उचित प्रारूप में है।

आपको बता दें कि राज्य विधानसभा अध्यक्ष ने मंगलवार को कहा था कि 14 बागी विधायकों में से नौ के इस्तीफे सही प्रारूप में नहीं थे। कांग्रेस ने इस मामले में अध्यक्ष के आर रमेश कुमार से हस्तक्षेप करने और इन विधायकों को अयोग्य करार देने का अनुरोध किया है। कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि वह उसके सदस्यों को प्रलोभन दे रही है। हालांकि, बीजेपी ने इस तरह के आरोपों से इंकार किया है। गौरतलब है कि कर्नाटक कांग्रेस के 10 और जेडीएस के 3 विधायकों ने छह जुलाई को सदन की सदस्यता से अपने-अपने त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय को सौंपे दिया था। इसके साथ ही राज्य में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार के लिए राजनीतिक संकट पैदा हो गया था। इसी बीच, कांग्रेस के एक अन्य विधायक आर रोशन बेग ने भी मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वाले 14 विधायकों में एस टी सोमशेखर, मुनिरत्न, बी ए बसवराज, प्रताप गौडा पाटिल, बी सी पाटिल, रमेश जारकिहोली, ए शिवमरा हब्बर, महेश कुमातल्ली, रामलिंग रेड्डी, आनंद सिंह और बेग (सभी कांग्रेस) और गोपालैया, नारायण गौडा, अडगुर एच विश्वनाथ (सभी जद-एस) शामिल हैं। राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन में 116 सदस्य हैं। अध्यक्ष के अलावा इनमें कांग्रेस के 78, जेडीएस के 37 और बीएसपी के एक सदस्य शामिल हैं। यदि इन 14 बागी विधायकों का इस्तीफा स्वीकार हो जाता है तो गठबंधन के सदस्यों की संख्या घटकर 102 हो जाएगी और कुमारस्वामी की गठबंधन की सरकार अल्पमत में आ जाएगी।


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