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पहली कैशलेस शादी का गवाह बना झारखंड का ये गांव

नई दिल्ली ( 10 जनवरी ): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी के बाद अब कैशलेस अभियान चलाया है। इस अभियना को साकार करने के लिए अधिकारियों ने पहल शुरू कर दी है। इसी अभियान के तहत सोमवार को पूर्वी सिंहभूम के मुसाबनी प्रखंड के बदिया गांव में हुई शादी पहली कैशलेस शादी है।

इसमें शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास के निर्देश पर जमशेदपुर स्थित कैंप कार्यालय से उपसमाहर्ता संजय कुमार पांडेय, विधायक लक्ष्मण टुडू, जिप सदस्य सुभाष सरदार, बीस सूत्री के जिला उपाध्यक्ष दिनेश साव समेत सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे। इस शादी में राज मिस्त्री का काम करने वाले वर बदिया गांव के सुभाष नायक एवं वधू चक्रधरपुर की सुनीता नायक थी। शादी में जितने भी समारोह हुए, सभी का भुगतान चेक के माध्यम से किया गया। यहां तक कि पंडित जी को दान-दक्षिणा भी चेक से दिया गया। कहीं भी पैसे का प्रयोग नहीं किया गया।

समारोह में पंडित की भूमिका विकास महापात्रो निभा रहे थे। शादी में राशन इबरार खां, कपड़ा संजीत गुप्ता, मिठाई राजस्थान होटल के चन्द्र प्रकाश शर्मा, पानी श्रीकांत मंडल, चिकेन उमापोदो पातर, मछली दीपक कुमार कुंडू, विवाह एवं पूजा सामग्री विश्वनाथ मुखर्जी आदि के यहां से मंगाई गई। सभी को चेक से ही भुगतान किया गया। शादी में पैसे का प्रयोग न हो, इसके लिए लड़की वाले भी चक्रधरपुर से बदिया आए थे।

 वैसे इस शादी में कुल खर्च सात हजार रुपये हुए। लड़के लड़की वाले दोनों गरीब थे, इसको लेकर शादी का पूरा खर्च समाजसेवी गणेश नायर ने उठाया था। इस दौरान दक्षिण बदिया पंचायत के मुखिया ने दुल्हन को कैशलेस शौचालय 20 घंटे के अंदर बनवाकर गिफ्ट किया। इस शौचालय को रिकार्ड समय में बनाकर देने को लेकर राजमिस्त्री गौरांग महाली को 500 रुपये का इनाम विधायक ने चेक से ही दिया। शादी समारोह में जितने लोगों ने गिफ्ट दिये, वह भी चेक से ही।


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