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CAA पर जदयू में फूट, कट सकता है पवन वर्मा और पीके का पत्ता

जदयू ने अपने बागी नेताओं को ठिकाने लगाना शुरू कर दिया है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गठबंधन और सीएए के समर्थन पर लगातार सवाल खड़े करने वाले पवन वर्मा को स्वतंत्र कर दिया है।

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सौरभ कुमार, न्यूज 24 ब्यूरो, पटना(23 जनवरी): जदयू ने अपने बागी नेताओं को ठिकाने लगाना शुरू कर दिया है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गठबंधन और सीएए के समर्थन पर लगातार सवाल खड़े करने वाले पवन वर्मा को स्वतंत्र कर दिया है। अब बारी पीके की है जो लगातार ना सिर्फ एनआरसी बल्कि अमित शाह तक को चुनौती दे रहे हैं। इधर राजद ने इन दोनों नेताओं का अपनी पार्टी में स्वागत तक कर दिया है। सीए के समर्थन को लेकर यदि ऊपर लगातार सवाल खड़े करने वाले पवन वर्मा को नीतीश कुमार ने आजादी दे दी है। पवन वर्मा लगातार नीतीश कुमार को पत्र लिखकर और गठबंधन पर सवाल खड़ा कर रहे थे। आज नीतीश कुमार ने ऐलान कर दिया की पार्टी के फैसलों पर सवाल खड़े करने वाले स्वतंत्र हैं, जिनको जहां जाना है जाएं, पार्टी अपने फैसलों पर अडिग है और उस पर विचार करने का कोई सवाल नहीं है।

अब बारी प्रशांत किशोर यानी पीके की है। पीके भी लगातार अपने बयानों और ट्वीट से एनआरसी ही नहीं बल्कि गृह मंत्री अमित शाह तक को चुनौती दे रहे हैं। पवन वर्मा को जवाब देने के बाद जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा है कि वह पीके के संबंध में भी नीतीश कुमार से बात करेंगे। पार्टी भले ही पीके को लेकर अभी खामोश है और इशारे में स्वतंत्र होने और कही भी जाने की बात कह रही है, लेकिन बीजेपी पीके को लेकर ज्यादा हमलावर हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद कि माने तो पीके केवल एक भाड़े के ऐसे शख्स है, जिनकी ना ही कोई राजनीतिक औकात है और ना ही कोई जनाधार।

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 वो एक मुखिया का चुनाव भी अपने दम पर नही जीत सकते है। इधर राजद ने इन दोनों नेताओं का तपाक से अपनी पार्टी में स्वागत करने में कोई देर नहीं की है तो अजय आलोक जैसे नेता ने भी नीतीश कुमार पर कटाक्ष करने में कोई देरी नहीं की। हालांकि प्रशांत किशोर पर कुछ भी बोलने से नीतीश कुमार परहेज करते रहे हैं। नतीजा यह कि प्रशांत किशोर भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक को चुनौती दे डालने की हिमाकत कर देते हैं। पवन वर्मा को तो नीतीश कुमार ने दो टूक कह दिया, लेकिन पता नहीं पीके नीतीश की कौन सी कमजोरी या मजबूरी है।


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