News

मंगल के बाद शुक्र पर इसरो की निगाह, 2023 तक भेजेगा यान

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो अंतरिक्ष में एक के बाद एक कामयाबी की इबारत लिखता जा रहा है। मंगल ग्रह पर तिरंगा फहराने के बाद अब इसरो की निगाह शुक्र पर है।

Image credit: Google

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (9 नवंबर): भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो अंतरिक्ष में एक के बाद एक कामयाबी की इबारत लिखता जा रहा है। मंगल ग्रह पर तिरंगा फहराने के बाद अब इसरो की निगाह शुक्र पर है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो इसरो 2023 के मध्यतक वो शुक्र ग्रह पर अपना यान भेजेगा। इससे पहले 2022 में शुक्र पर इसरो द्वारा अपने सेलेटाइट भेजने की बात कही जा रही थी। इसरो ने इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रपोजल भी निकाला है।  बताया जा रहा है कि इसरो मिशन वीनस के सैटेलाइट पर 12 वैज्ञानिक पेलोड भेजेगा। जिसमें थर्मल कैमरा, मास स्पेक्ट्रोमीटर और क्लाउड मॉनीटरिंग कैमरा शामिल होगा। आपको बता दें कि आकार, द्रव्यमान, घनत्व, संरचना और गुरुत्वाकर्षण में समानता की वजह से शुक्र को पृथ्वी की "जुड़वां बहन" माना जाता है। इस मिशन सतह और उप-सतह, वायुमंडलीय रसायन शास्त्र, और सौर विकिरण या सौर हवाओं पर अध्ययन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।इसरो ने शुक्र ग्रह पर भारतीय मिशन की घोषणा करते हुए वैज्ञानिकों को अध्‍ययन के लिए आमंत्रित किया है और सुझाव भी मांगे हैं। इन सुझावों में वैज्ञानिकों से पूछा गया है कि शुक्र के किन-किन पहलुओं का अध्ययन किया जाए। इसरो के अनुसार, शुक्र की मिशन पर जाने वाले 500 वाट पावर से लैस सैटेलाइट का वजन 175 किग्रा है। शुक्र के चारों ओर का प्रस्तावित कक्ष लगभग 500 3 60,000 किलोमीटर होगी जो कई महीनों में सिमटेगी और ग्रह की कक्षा के करीब आ जाएगी।मिशन का फोकस वहां के वातावरण और सतह के अध्‍ययनों, सूर्य के साथ शुक्र के संबंधों, जैविक प्रयोगों और तकनीकी सबूतों पर होगा। इसरो के एक अधिकारी के मुताबिक, अभी इस मिशन के लांच की तारीख नहीं तय हुई है। इस मिशन का महत्‍व बताते हुए इसरो ने कहा कि वीनस को पृथ्वी की जुड़वां बहन कहा जाता है, क्योंकि यह आकार, गुरुत्वाकर्षण और संरचना में पृथ्वी के ही समान है। यह माना जाता है कि दोनों ग्रहों की संरचना एक समय में 4.5 बिलियन साल पहले हुई थी। इसरो के अनुसार, 1960 की शुरुआत में में सोवियत संघ के वेनेरा मिशन के साथ वीनस की खोज शुरू हुई थी। तब से लेकर अब तक विभिन्न देशों द्वारा शुक्र ग्रह को उसके ऑर्बिटर, लैंडर मिशन और वायुमंडल का पता लगाया जा चुका है, लेकिन अभी भी कुछ ऐसी बातें हैं जिनकी जानकारी हमें नहीं है।


Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top