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अंतरिक्ष में भारत ने भरी एक और उड़ान, जानें इसरो के जीसेट-6A सेटेलाइट की खास बातें

नई दिल्ली ( 29 मार्च ): इंडियन स्‍पेस रिसर्च सेंटर ऑर्गनाइजेशन (इसरो) आज आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्‍पेस सेंटर से जीसैट-6ए कम्‍युनिकेशन सैटेलाइट लॉन्च कर दिया है। भारत के संचार उपग्रह जीसैट-6 ए को 4.56 मिनट पर लाॅन्च किया गया। इस सैटेलाइट की लाइफ 10 साल की होगी। यह श्रीहरिकोटा के सेकंड स्टेशन से लॉन्च किया गया और 17 मिनट में अपनी कक्षा में प्रवेश कर लेगा।

इस सैटेलाइट का वजन 2,140 किलोग्राम है। इसकी लंबाई 49.1 मीटर है।  इस सेटेलाइट की सबसे बड़ी खासियत मल्टी बीम कवरेज सुविधा है. इसके जरिये भारत को नेटवर्क मैनेजमेंट तकनीक में मदद मिलेगी। यही नहीं, इसमें एस-बैंड कम्युनिकेशन लिंक के लिए 6 मीटर व्यास का एक एंटीना भी है। प्रक्षेपण यान जीएसलवी की 12वीं उड़ान है। 

इसरो ने कहा कि उपग्रह की एक मुख्य बात मल्टी बीम कवरेज सुविधा के जरिये भारत को मोबाइल संचार प्रदान करना है। इस उपग्रह में एस-बैंड कम्युनिकेशन लिंक के लिए 6 मीटर व्यास का एक एंटीना लगा है। साथ सी-बैंड फ्रीक्वेंसी के लिए 0.8 मीटर का एक फिक्स्ड एंटीना हब कम्युनिकेशन लिंक के लिए लगा हुआ है। इस उपग्रह के प्रक्षेपण से सैटेलाइट आधारित मोबाइल कम्युनिकेशन उपकरणों के संचालन में काफी मदद मिलेगी।

उपग्रह के प्रक्षेपण के लिए रॉकेट में भी बदलाव किए गए हैं। सैटेलाइट को ले जाने वाले जीएसएलवी रॉकेट के पास दूसरे चरण के लिए उच्च स्तर का इंडक्शन लगा हुआ है। इसके अलावा रॉकेट इलेक्ट्रो हाइड्रोलिक एक्यूटेशन सिस्टम के बजाय इलेक्ट्रो केमिकल ऑटोमेशन का इस्तेमाल करेगा। 

 

 


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