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इनकम टैक्स के छापेः देश में वापस आ गया इंस्पैक्टर राज ?

नई दिल्ली (9 फरवरी): कालेधन का पतालगाने के लिए इनकम टैक्स अफसरों को छापे मारने से इंस्पैक्टर राज के पुराने दिनों की याद ताजा हो जाती है, लेकिन सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा है कि सर्च के नाम पर इनकम टैक्स अफसर मनमानी नहीं कर सकेंगे। इनकम टैक्स अथॉरिटीज को हाई कोर्ट में एक ‘सैटिसफैक्शन नोट’ देकर बताना होता है कि कोई सर्च क्यों की गई और अधिकारियों को मनमाने अधिकार नहीं दिए गए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इनकम टैक्स अधिकारियों का दखल और मनमानी बढ़ने की जो आशंका जताई जा रही है, वह ठीक नहीं है। चंद्रा ने कहा कि सर्च का प्रोसेस तय है। इसके लिए पहले प्रिंसिपल डायरेक्टर जनरल से इजाजत लेनी होगी और किसी जूनियर ऑफिसर को अपने मन से सर्च की मंजूरी नहीं दी गई है। टैक्स अथॉरिटीज को रेड के लिए अधिक ताकत दिए जाने की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, ‘मनमानी सर्च नहीं होगी। सर्च या जब्ती के लिए कोई अतिरिक्त पावर नहीं दी गई है।’ सर्च के लिए जो नोट तैयार किया जाएगा, उसे कोर्ट में पेश करना होगा। यह नोट सीलबंद लिफाफे में अदालत के मांगने पर पेश किया जाएगा। चंद्रा ने कहा कि अभी तक यही तरीका रहा है। इस नोट में सर्च की वजह बतानी पड़ती है और उसके सबूत देने पड़ते हैं।


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