News

ट्रंप की इस नीति का अगला निशाना हो सकता है भारत

नई दिल्ली  ( 13 फरवरी ): यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नई अमेरिकी व्यापर नीति की नींव रखी है, लेकिन अभी इससे भारत, इंडोनेशिया, मलयेशिया और वियतनाम बचे हुए हैं। आने वाले समय में मुमकिन है कि ये देश ट्रंप की नीतियों के शिकार बन जाएं। अमेरिका इन सभी देशों के साथ बड़े व्यापारिक घाटे में है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका 12 देशों की ट्रांस पेसिफिक पार्टनरशिप से बाहर आ गया है और उसने जापान, चीन और साउथ कोरिया की ट्रेड पॉलिसी पर हमला बोला है। इसके साथ ही अमेरिका नए टैक्स सुधार में अपने आयातों पर अतिरिक्त टैक्स लगा सकता है। ट्रंप की इन संरक्षणवादी नीतियों पर चिंता जताई जा रही है, जिससे ग्लोबल इकॉनमी के विकास पर असर पड़ सकता है।

जिन देशों के साथ अमेरिका व्यापारिक घाटे में है, उन देशों पर इस नीति का व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। ट्रंप की नेशनल ट्रेड काउंसिल के प्रमुख पीटर नैवारो और कॉमर्स सेक्रटरी विलबर रॉस ने पिछले साल एक पेपर पब्लिश किया था, जिसमें उन्होंने अमेरिका के व्यापारिक घाटे की कड़ी आलोचना की थी। एशियन ट्रेड सेंटर के एक्जिकेटिव डायरेक्टर डेबुरा एम्स ने कहा, 'एशिया के लगभग सभी देश अमेरिका को भारी भरकम निर्यात करते हैं। व्यापार घाटे की वजह से ट्रंप कभी भी सख्त हो सकते हैं। शायद दूसरे देशों अभी तक इस पर सचेत नहीं हैं।'

अगर भारत की बात की जाए तो इसका अमेरिका के साथ व्यापार WTO के नियमों और 2005 के ट्रेड पॉलिसी फोरम के आधार पर होता है। इसके बाद से ही भारत-अमेरिका का व्यापार 2005 में 29 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2015 में 65 बिलियन डॉलर हो गया। भारत भारी मात्रा में अमेरिका में आईटी सर्विस, टेक्सटाइल, कीमती पत्थरों का निर्यात करता है। अमेरिका भारत के साथ भी काफी व्यापार घाटे में है। इसके बावजूद अभी तक ट्रंप और पीएम मोदी के बीच रिश्ते काफी गर्मजोशी से भरे हैं। मोदी दुनिया के पांचवे लीडर हैं जिन्हें ट्रंप ने फोन किया और व्हाइट हाउस की मानें तो तब दोनों नेताओं के बीच कोई भी व्यापार संबंधित बातचीत नहीं हुई थी।


Related Story

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top