News

ISIS के चंगुल से भागे सैंकड़ों लोग, देखिए जान पर खेल पर कैसे पार की नदी

 नई दिल्ली (3 जून): आईएसआईएस के आतंकियों और सरकारी फौजों की गोलीबारी के बीच फंसे लोगों का फजुल्ला में जीना हराम हो गया है। आईएसआईएस के आतंकी उनका सरकारी फौजों के सामने ह्युमन शील्ड की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। फजुल्ला में सुन्नी मुसलमानों की संख्या ज्यादा है। कुछ लोग आईएसआईएस के आतंकियों को समर्थन भी दे रहे हैं।

इसी वज़ह से सरकारी फौजों को फजुल्ला पर नियंत्रण में बाधा आ रही है। सरकारी फौजों के एक रिटायर्ड जनरल का कहना है कि फजुल्ला को आईएसआईएस के आतंकियों ने कथित ज़िहाद का प्रतीक और अपनी कथित राजधानी घोषित कर रखा है।

अगर वो इसे हार जाते हैं तो उनका खात्मा तय है। इसलिए वो इसे मर कर भी नहीं छोड़ना चाहेंगे। इसी तरह एक जाने-माने राजनीतिक विश्लेषक अली हाशिम का कहना है कि अगर सरकार फजुल्ला को फतह कर भी लेती है तो भी आईएसआईएस के आतंकियों की छाया उनका पीछा नहीं छोड़ेगी क्यों कि जिन सुन्नी मुसलमानों के समर्थन से उन्होंने फजुल्ला पर कब्जा किया था वो समुदाय सरकारी तंत्र के खिलाफ समस्याएं खड़ी करता रहेगा। क्यों कि वो यह समझते हैं कि इराक की मौजूदा शिया सरकार उनकी उपेक्षा करेगी।

बहरहाल, इसी बीच सैकड़ों पुरुष, महिला और बच्चे अपनी जान पर खेल कर यूफरात नदी को पार कर सुरक्षित स्थानों की ओर निकल गये हैं। इराक के प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी ने कहा है किफजुल्ला के आम आदमी आईएसआईएस के आतंकियों के चंगुल से जितनी जल्दी बाहर निकलेंगे उतनी जल्दी सरकारी फौज फजुल्ला को मुक् कराकर शांति स्थापित करने की कोशिश करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार फजुल्ला पर जल्दी जीत के लिए निर्दोषों का खून नहीं बहायेगी, हां हमें विश्वास है कि फजुल्ला को आतंकियों से मुक्त करालिया जायेगा। वहीं, इराक के वित्त मंत्री होशियार जाबेरी ने कहा कि हम जानते हैं कि फजुल्ला को जीतना इतना आसान नहीं है, मगर हम उन्हें अब नहीं छोड़ेंगे।  (आईएसआईएस के आतंक और सरकारी फौजों की गोलीबारी के बीच जान का जोखिम लेकर यूफरात नदी पार कर सुरक्षित जगहों पर जाते लोग)

1-

2-

3-

4-

5-

6-

7-

8-

9-

10-


Related Story

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top