News

पहली बार वर्ल्ड कप में खेलेगा टीम इंडिया का ये खिलाड़ी, ऐसे बना क्रिकेटर

नई दिल्ली(6 फरवरी): ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी-20 मैच में डेब्बू करने वाले भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में अपने पहले ओवर की शुरूआत तीन वाइड बॉल फेंककर की। हार्दिक के इस ओवर में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने 19 रन लुटे। इसके बाद जोरदार वापसी करते हुए हार्दिक पांड्या ने 37 देकर दो विकेट झटके।

हार्दिक ने बताया कि उनका क्रिकेट खेलने का कोई इरादा नहीं था। उनका बड़ा भाई क्रिकेट खेलने का शौकीन था और वह उनके साथ ग्राउंड में मौज मस्ती करने के लिए जाया करता था। इस बीच कोच किरण मोरे ने हार्दिक को मौज-मस्ती करते हुए देखा और कहा तुम मस्ती कर रहे हो। तुम्हें भी अपने भाई की तरह क्रिकेट खेलना चाहिए। इसी दौरान मोरे ने हार्दिक के पिता से कहा कि अगर आप अपने बेटों को क्रिकेटर बनाना चाहते हो तो बड़ौदा शिफ्ट हो जाओ। सूरत में क्रिकेट का कल्चर नहीं है। इसके बाद हार्दिक पांड्या ने क्रिकेट खेलना शुरू किया और आज वह भारत की अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का एक हिस्सा है। कोच किरण मोरे के द्वारा बड़ौदा शिफ्ट होने की सलाह देने के बाद हार्दिक पांड्या के पिता साल 1999 में सूरत से बड़ौदा शिफ्ट हो गए। सूरत में हार्दिक पांड्या के पिता छोटे-मोटे काम करते थे। कोच किरण मोरे के कहने के बाद 1999 में हार्दिक की फैमिली बड़ौदा में सिफ्ट हो गए। जहां हार्दिक के पिता कार फाइनेंस का पार्ट टाइम जॉब करते थे। हार्दिक के पिता इतना ही कमा पाते थे कि उनके परिवार का खर्चा भी नहीं चल पाता था। हार्दिक पांड्या और उसका भाई केवल मैगी खाकर मैदान पूरा दिन बिताते थे।

परिवार में आर्थिक अभाव व अनेक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने बड़ौदा के जूनियर रैंक में अपनी पहचान बनानी शुरू की। इसी बीच उनके पिता को हार्ट अटैक का दौरा पड़ा और डॉक्टरों ने उनको आराम करने की सलाह दी जिससे उनको काम छोडऩा पड़ा। यह समय उनके और उनके परिवार लिए कठिन था। हार्दिक पांड्या पहले पार्ट टाइम लेग स्पिन गेंदबाजी करते थे। वह एक अच्छे लेग स्पीनर नहीं थे इसलिए उनको गेंदबाजी में इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसको लेकर हार्दिक पांड्या निराश थे। इसके बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना शुरू किया। लेकिन वे नेट पर अभ्यास के दौरान तेज गेंदबाजों की सहायता करता था। एक दिन रणजी ट्रॉफी कोच सनथ कुमार ने मुझे देखा और उसके कुछ महीने बाद ही रणजी ट्राफी में गेंदबाजी शुरू कर दी। 

कैसे आईपीएल से बनाई अंतर्राष्ट्रीय टीम में जगह

भले रणजी सीजन अच्छा नहीं गुजरा हो लेकिन हार्दिक ने आईपीएल में मुख्य भूमिका निभाई थी। हार्दिक पांड्या ने आईपीएल सीजन 2015 की कुछ पारियों में अच्छी गेंदबाजी की। हार्दिक का मानना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए लाइमलाइट में आने के लिए आईपीएल से बेहतर कोई प्लेटफॉर्म नहीं है। आईपीएल एक ऐसा बड़ा मंच है जहां आप खुद को साबित कर सकते हो। मैं कहता हूं कि आईपीएल ने मेरी लाइफ बदल दी। आईपीएल में मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलते हुए हार्दिक पांड्या ने जॉन राइट और रिकी पोंटिंग को काफी प्रभावित किया। आईपीएल सीजन 2015 में अच्छा प्रदर्शन की बदौलत हार्दिक पांड्या को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने वाली टी-20 टीम इंडिया में मौका मिला। -


Related Story

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top