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01 अप्रैल से मिलेगी चौबीस घंटे बिजली, सरकार ने बढ़ाये कदम

ऊर्जा मंत्रालय के उच्च स्तरीय सूत्रों के हवाले से ख़बर के मुताबिक 01 अप्रैल 2019 से चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने कदम बढ़ाए हैं। ऐसा निर्देश दिया गया है कि 1 अप्रैल से चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध नहीं कराने पर जुर्माना लगेगा। वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रियों का समूह पावर सेक्टर के फंसे हुए प्रोजेक्ट के मसले पर कैबिनेट सचिव की सिफारिशों का अध्ययन कर रही है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जनवरी):  ऊर्जा मंत्रालय के उच्च स्तरीय सूत्रों के हवाले से ख़बर के मुताबिक 01 अप्रैल 2019 से चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने कदम बढ़ाए हैं। ऐसा निर्देश दिया गया है कि 1 अप्रैल से चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध नहीं कराने पर जुर्माना लगेगा। वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रियों का समूह पावर सेक्टर के फंसे हुए प्रोजेक्ट के मसले पर कैबिनेट सचिव की सिफारिशों का अध्ययन कर रही है। ऐसा लक्ष्य है की पूरे देश में 100 फीसदी ग्रामीण विद्युतीकरण का काम 31 मार्च 2019 तक पूरा हो जायेगा।

बता दें की देश के हर घर के बिजली मीटर को प्री-पेड मीटर बनाने का फैसला किया गया है। आपके-हमारे घरों में लगे बिजली मीटर को प्री-पेड बनाने के लिए पुराने मीटर बदल दिए जाएंगे। बिजली मंत्रालय के फैसले के मुताबिक, पुराने मीटर को प्री-पेड में बदलने का काम 1 अप्रैल, 2019 से शुरू होगा। अगले तीन साल में देश भर में इस काम को पूरा कर लिया जाएगा। बिजली मंत्रालय के फैसले में कहा गया है कि सभी मीटर को प्री-पेड कर देने से बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की लागत काफी कम हो जाएगी और डिस्कॉम आसानी से घाटे से उबर जाएंगी। अभी देश के कई राज्यों की डिस्कॉम भारी घाटे में चल रही है। इस कारण डिस्कॉम के पास बिजली खरीदने के लिए पैसे नहीं होते हैं। बिजली मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि मीटर को स्मार्ट प्री-पेड बना देने से बिजली क्षेत्र में क्रांति आ जाएगी। सरकार के इस फैसले से कम आय के उपभोक्ताओं को अधिक फायदे की उम्मीद है। हालांकि, नोएडा के औद्योगिक इलाके में पहले से प्री-पेड मीटर का चलन है, लेकिन घरेलू इस्तेमाल के लिए अभी देश के काफी कम इलाके में प्री-पेड मीटर है।

बिजली मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि स्‍मार्ट मीटरों की ओर उठाया जा रहा यह कदम गरीबों के अनुकूल कदम है, क्‍योंकि उपभोक्‍ताओं को एक ही बार में पूरे महीने के बिल की अदायगी नहीं करनी पड़ेगी। उपभोक्‍तागण इसके बजाय अपनी जरूरतों के हिसाब से भुगतान कर सकते हैं। अपनी जरूरतों के मुताबिक वे अपने मीटर में पैसे डलवाएंगे और उसके मुताबिक बिजली खर्च करेंगे। इससे कम आय वालों के पैसे बचने के साथ बिजली के फालतू खर्च भी नहीं होंगे जिससे बिजली की बचत होगी। बिजली मंत्रालय का मानना है कि स्‍मार्ट प्रीपेड मीटरों का निर्माण करने से युवाओं के लिए कौशलपूर्ण रोजगार भी सृजित होंगे। बिजली के बिल जेनरेट नहीं करने पड़ेंगे जिससे कागज की बचत होगी। अभी बिजली के बिल देने से पहले मीटर रिडिंग के लिए डिस्कॉम को अपने कर्मचारी भेजने पड़ते हैं। प्रीपेड मीटर लग जाने पर इन चीजों पर होने वाले खर्च बचेंगे।

बिजली मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, राज्‍य सरकारों ने इससे पहले ‘सभी के लिए बिजली’ दस्‍तावेज पर हस्‍ताक्षर किए थे और उन्‍होंने अपने-अपने उपभोक्‍ताओं को चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति करने पर सहमति जताई थी। इसलिए बिजली वितरण के लाइसेंसधारक 1 अप्रैल, 2019 तक या उससे पहले ही अपने-अपने उपभोक्‍ताओं को चौबीसों घंटे बिजली मुहैया कराना शुरू कर देंगे। हालांकि, असाधारण या विशिष्‍ट परिस्‍थितियों में संबंधित आयोग इस समयावधि में कुछ रियायत दे सकता है। इसमें होने वाली देरी के कारणों को लिखित में दर्ज करना होगा। यह काम तभी संभव हो पाएगा, जब डिस्कॉम को बिजली खरीद की पूरी लागत मिले जो कि प्रीपेड मीटर से आसानी से संभव हो सकेगा।

हर घर को 24 घंटे बिजली देने के लिए सरकार बड़ा फैसला लेने जा रही है। सरकार ने कहा है कि मार्च 2019 के बाद से बिजली कटौती पर बिजली कंपनियों को जुर्माना देना होगा। साथ ही दिसंबर 2019 तक सभी घरों तक बिजली पहुंचाई जाएगी। ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने कहा है कि इसके लिए जल्‍द ही संसद में कानून पास किया जाएगा। इसके लिए इलेक्ट्रिसिटी एक्‍ट 2003 में संशोधन किया जा रहा है।


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