News

चार बार पत्र लिखने के बाद 7 अगस्त को मिली पैमेंट: कॉलेज प्रिसिंपल

वीरेंश पांडेय, गोरखपुर (13 अगस्त): गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 36 बच्चों की मौत को लेकर मच रहे बवाल के बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सवालों के घेरे में है। अब इस मामले में न्यूज 24 से कॉलेज के प्रिसिंपल राजीव मिश्रा ने बातचीत की है उन्होंने न्यूज 24 के कैमरे पर सारे मामले का खुलासा किया है।

प्रिसिंपल राजीव मिश्रा ने कहा कि मेरे ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं, वो एकदम गलत हैं। मेरे पास बजट 7 अगस्त की शाम को आया था और मैंने उसपर एकदम से कार्रवाई की। मैंने 10 अगस्त तक सभी टोकन बंटवा दिए थे और 11 अगस्त तक ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी के अकाउंट में पैमेंट हो गया। इससे जल्दी पैमेंट करने की कोई प्रक्रिया नहीं थी।

राजीव मिश्रा ने कहा कि 1 अगस्त को कंपनी की तरफ से नोटिस आने के बाद मैंने इस बारे में शासन को जानकारी दी। यहीं नहीं मैंने 3 जुलाई, 16 जुलाई और इससे पहले भी शासन में लिख चुका था, लेकिन शासन की तरफ से उपसर कोई रिस्पांस नहीं हुआ। अगर इस मामले में पहले पैसा मिल गया होता तो कोई दिक्कत नहीं होती। उन्होंने योगी आदित्यनाथ के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि सीएम 9 अगस्त को आए थे और पैसा 7 अगस्त को आ गया था, इस बारे में यह मामला सुलझ गया था तो उन्हें अवगत कराने का कोई मतलब नहीं बनता था।

प्रिंसिपल का साफ-साफ कहना है कि उन्हें इस मामले में बली का बकरा बनाया गया और इस बड़ी लापरवाही में शामिल बड़ी मछलियों को बताने की कोशिश हो रही है।


Related Story

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top