News

हरिद्वार में पीना तो दूर नहाने लायक भी नहीं है गंगा का पानी

नई दिल्ली ( 18 मई ):गंगा का पानी अमृत माना जाता है, लेकिन बढ़ते प्रदूषण की वजह से इसका पानी पीना तो दूर, नहाने लायक भी नहीं बचा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(CPCB) ने एक आरटीआई के जवाब में बताया है कि हरिद्वार में गंगा नदी का पानी नहाने के लिए भी ठीक नहीं है।

CPCB ने कहा कि हरिद्वार जिले में गंगा का पानी तकरीबन हर पैमाने पर असुरक्षित है। उत्तराखंड में गंगोत्री से लेकर हरिद्वार जिले तक 11 लोकेशन्स से पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल लिए गए थे। ये 11 लोकेशन्स 294 किलोमीटर के इलाके में फैली हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इतने लंबे दायरे में गंगा के पानी की गुणवत्ता जांच के 4 प्रमुख सूचक रहे, जिनमें तापमान, पानी में घुली ऑक्सिजन(DO), बायलॉजिकल ऑक्सिजन डिमांड(BOD) और कॉलिफॉर्म(बैक्टीरिया) शामिल हैं। हरिद्वार के पास के इलाकों के गंगा के पानी में BOD, कॉलिफॉर्म और अन्य जहरीले तत्व पाए गए।

CPCB के मानकों के मुताबिक, नहाने के एक लीटर पानी में BOD का स्तर 3 मिलीग्राम से कम होना चाहिए, जबकि यहां के पानी में यह स्तर 6.4mg से ज्यादा पाया गया। इसके अलावा, हर की पौड़ी के प्रमुख घाटों समेत कई जगहों के पानी में कॉलिफॉर्म भी काफी ज्यादा पाया गया। प्रति 100ml पानी में कॉलिफॉर्म की मात्रा जहां 90 MPN(मोस्ट प्रॉबेबल नंबर) होना चाहिए, वह 1,600 MPN तक पाई गई। CPCB की रिपोर्ट के मुताबिक नहाने के पानी में इसकी मात्रा प्रति 100 ml में 500 MPN या इससे कम होनी चाहिए।

इतना ही नहीं, हरिद्वार के पानी में DO का स्तर भी 4 से 10.6 mg तक पाया गया, जबकि स्वीकार्य स्तर 5 mg का है। जानेमाने पर्यावरणविद् अनिल जोशी ने कहा, 'हरिद्वार इंडस्ट्रियल और टूरिस्ट हब बन गया है, ऐसे में जब तक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट इन्स्टॉल नहीं किए जाते और पानी की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी नहीं रखी जाती, घाटों का पानी प्रदूषित रहेगा।'


Related Story

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top