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अरुण जेटली ने कहा, नोटबंदी के बाद टैक्स के दायरे में आए 91 लाख नए लोग

नई दिल्ली ( 16 मई ): सरकार ने टैक्‍स चोरी करने वालों पर लगाम लगाने के उद्देश्‍य से मंगलवार को एक नया क्‍लीन मनी पोर्टल लॉन्‍च किया है। इसे केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने तैयार किया है। इस पोर्टल पर टैक्‍स चोरों की जानकारी और कालेधन के खिलाफ होने वाली प्रत्‍येक कार्रवाई की विस्‍तृत जानकारी उपलब्‍ध कराई जाएगी। वेबसाइट लॉन्च के मौके पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि नोटबंदी के बाद 91 लाख नये करदाताओं की पहचान की गई।

यह पोर्टल ऐसे लोगों की पहचान करेगा जिन्‍होंने बैंकों में बड़ी राशि जमा की है या बड़ा लेनदेन किया है, लेकिन उन्‍होंने ऑपरेशन क्‍लीन मनी के तहत इसकी घोषणा नहीं की है। सरकार ने काले धन का खुलासा करने के लिए ऑपरेशन क्‍लीन मनी की शुरुआत की थी।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) के द्वारा लांच की गई इस वेबसाइट के जरिए सरकार को उन लोगों के बारे में भी पता चल जाएगा जो कि अभी तक टैक्स चोरी करने से बाज नहीं आ रहे हैं और अपने काले धन को बड़ी खरीददारी या फिर उसको जमा कर रहे हैं।

जेटली ने इस अवसर पर कहा कि अब देश में टैक्स चोरी करने वाले सुरक्षित नहीं हैं। कई लोगों के लिए अब हिसाब-किताब करने का वक्त आ गया है। सरकार ईमानदार टैक्स पेयर्स को राहत देना चाहती है, यह उसी दिशा में उठाया गया कदम है।

वित्त मंत्री ने बताया कि विमुद्रीकरण से डिजिटाइजेशन को काफी बढ़ावा मिला। साथ ही कैश ट्रांजैक्शन के खतरों को देखते हुए टैक्स पेयर्स की संख्या और टैक्स रेवेन्यू में बढ़ोतरी दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद 91 लाख नये करदाता सामने आये। अभी उन्हें टैक्स रिटर्न में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। नोटबंदी के बाद व्यक्तिगत आयकर संग्रह में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

अभी तक सरकार ने 18 लाख लोगों को इस पोर्टल के जरिए पकड़ लिया है, जिनके ट्रांजेक्शन उनकी प्रोफाइल से काफी ज्यादा हो रहे हैं।

इस मौके पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष सुशील चंद्रा ने कहा, "हम कर शिकायत के मामले में गैर-कर शिकायत को बदलना चाहते हैं। कर विभाग छापेमारी की खबरों को वेबसाइट पर डालेगा। वेबसाइट उस प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी देगी जिसके चलते टैक्स डिफॉल्टर की पहचान की गई थी। बोर्ड ने यह भी बताया कि नोटबंदी के बाद 91 लाख नई करदाता सामने आए हैं। 16398 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला है। 30 करोड़ से ज्यादा पैन आवंटित किए गए हैं।

कार्रवाई को उल्लंघन के विशेष विभिन्न स्तर

अत्यधिक जोखिम, मध्यम जोख़िम, कम जोखिम और बहुत कम जोखिम के आधार पर उल्लेखित किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि अत्यधिक जोख़िम वाले व्यक्तियों या समूहों को तलाशी, जब्ती और सीधे पूछताछ जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मध्यम जोखिम वाले टैक्स डिफ़ॉल्टरों को एसएमएस या ईमेल के जरिये सूचित किया जाएगा और बहुत कम जोखिम वाले लोगों पर नजर रखी जाएगी। जांच के दौरान व्यक्ति विशेष और समूहों की पहचान उजागर नहीं की जाएगी।  


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